वर्णमाला गीत

अ से अमरूद पंछी खाएँ
आ से आग में खाना पकाएँ
इ से इमली खट्टी होती
ई से ईख से शक्कर बनती
          उ से उल्लू रात को जागा
         ऊ से ऊँट रेगिस्तान मैं भागा
         ए से  बजाते हैं एकतारा
         ऐ से ऐनक आँखों का सहारा
 ऋ से ऋतुएँ होतीं चार
हर ऋतु होती बड़ी मजेदार
                 ओ से ओढ़नी सर को ढकाए
                 औ से औजार काम सरल बनाए
                  अं से अंगूर हैं गोल-मटोल
                  अ: है खाली  खाली बोल

क से कोयल गाना गाये
ख से खरगोश गाजर खाये
ग से गमले में फूल लगाये
घ से घड़ी जो समय बताये
ड०
          च से चम्मच से खाना खाएँ
          छ से छाता  ओढ़ के जाएँ
         ज से जल प्यास बुझाए
          झ से झंडा हम फहराएं
           ञ
ट से टमाटर होता लाल
ठ से ठठेरा करे कमाल
ड से डमरू बाजे डम डम
ढ से ढोलक बाजे ढम ढम
ण

       त से तराजू में तोलें हम
      थ से थरमस रखें गरम
     द से दवात में पेन डुबाओ
     ध से धनुष पर तीर चढ़ाओ
न से नल में पानी आता
प से बच्चा पतंग उड़ाता
फ से फल की टोकरी भरी
ब से बकरी खड़ी खड़ी
         भ से भालू ने नाच दिखाया
         म से मकड़ी ने जाल बनाया
य से यज्ञ से होती वायु शुद्ध
र से रथ पर करते हैं युद्ध
ल से लट्टू गोल घूमता
व से वर्षा में मोर झूमता
         श से शलगम सलाद में खाएँ
        ष से षटकोण का चित्र बनाएँ
        स से सपेरा बीन बजाता
       ह से हाथी सूंड उठाता

क्ष से क्षत्रिय करता रक्षा का काम
त्र से त्रिशूल की भी अपनी है शान
ज्ञ से ज्ञान से  बनते महान
बच्चों ये है अक्षर ज्ञान

रचयिता
सीमा नौटियाल, 
सहायक अध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गाड़ी,
विकास खण्ड-दशोली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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