गणपति बप्पा मोरया
कर जोड़ करूँ गुणगान गजानन
दम-दम दमके सूर्य सा आनन
गौरी सुता तुम, शिव प्रिय हो
प्रथम पूज्य तुम, वक्रतुंड हो
विघ्नहर्ता, सुखकर्ता, तुम भूपति
चतुर्भुज तुम हो, स्वयं वरगणपति
विघ्नविनाशक, तुम मंगलकारक
यज्ञकाय तुम, जय हो शुभकारक
कोटि - कोटि है तुम्हें अभिनंदन
भक्ति - भाव से करूँ मैं वंदन
पीतांबर तुम, तुम रूद्रप्रिय हो
रिद्धि-सिद्धि के प्राण प्रिय हो
लंबोदर, गजवदन, मूषक वाहन
निदिश्वरम्, शूपकर्ण करूँ आह्वान
दूर्जा, मृत्युंजय, क्षिप्रा तुम गदाधर
दिनन के दुःख संताप हे! प्रभु हर
रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
विकास खण्ड-डोभी,
जनपद-जौनपुर।
दम-दम दमके सूर्य सा आनन
गौरी सुता तुम, शिव प्रिय हो
प्रथम पूज्य तुम, वक्रतुंड हो
विघ्नहर्ता, सुखकर्ता, तुम भूपति
चतुर्भुज तुम हो, स्वयं वरगणपति
विघ्नविनाशक, तुम मंगलकारक
यज्ञकाय तुम, जय हो शुभकारक
कोटि - कोटि है तुम्हें अभिनंदन
भक्ति - भाव से करूँ मैं वंदन
पीतांबर तुम, तुम रूद्रप्रिय हो
रिद्धि-सिद्धि के प्राण प्रिय हो
लंबोदर, गजवदन, मूषक वाहन
निदिश्वरम्, शूपकर्ण करूँ आह्वान
दूर्जा, मृत्युंजय, क्षिप्रा तुम गदाधर
दिनन के दुःख संताप हे! प्रभु हर
रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
विकास खण्ड-डोभी,
जनपद-जौनपुर।

Comments
Post a Comment