गणेश उत्सव
विनती हमारी सुन लो देवा
तुम पर चढ़ाएँ हम फल मेवा
प्रथम पूजा तुम्हारी हो
मेरे गणपति देव, वो हो तुम
विनती हमारी ......
मोदक तुमको खिलाएँ सिंदूर भी हम लगाएँ
मूषक की है सवारी करो भक्तों की रखवारी
मन चाहा वर देते, वो हो तुम
विनती हमारी ......
एकदन्त धारी तुम सब पे दया करने वाले
देवी देवताओं में सबसे पहले पूजन वाले
सारी विपदा हमारी हर लो तुम
विनती हमारी ......
रचयिता
सुधांशु श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मणिपुर,
विकास खण्ड-ऐरायां,
जनपद-फ़तेहपुर।
तुम पर चढ़ाएँ हम फल मेवा
प्रथम पूजा तुम्हारी हो
मेरे गणपति देव, वो हो तुम
विनती हमारी ......
मोदक तुमको खिलाएँ सिंदूर भी हम लगाएँ
मूषक की है सवारी करो भक्तों की रखवारी
मन चाहा वर देते, वो हो तुम
विनती हमारी ......
एकदन्त धारी तुम सब पे दया करने वाले
देवी देवताओं में सबसे पहले पूजन वाले
सारी विपदा हमारी हर लो तुम
विनती हमारी ......
रचयिता
सुधांशु श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मणिपुर,
विकास खण्ड-ऐरायां,
जनपद-फ़तेहपुर।

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