गणेश उत्सव

तर्ज: मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू 

मेरे गणपति बप्पा जल्दी आओ तुम
आके  लड्डू  का  भोग लगाओ तुम
अपने भक्तों  को दरस  दिखाओ तुम
गौरीनंदन गणेश.....
सबको  धन धान्य  देने वाले तुम
मूषक की सवारी करने वाले तुम
शंकर और पार्वती की दुलारे तुम
गौरी नंदन गणेश......

फूल चढ़ाएँ मोदक खिलाएँ
दूध   चढ़ाएँ  भोग  लगाएँ
सबसे पहले पूजा तुम्हारी
भक्तों की तुम  करो रखवारी
घर में मेरे कब तक आओगे तुम
मेरे गणपति.......

हो तुम दयालु बहुत कृपालु
सबकी विपदा तुम हर जाओ
चरण तुम्हारे हम हैं पखारे
दूर करो तुम कष्ट हमारे
कब से तुमको हम पुकार रहे हैं
मेरे गणपति.......

रचयिता
आकांक्षा मिश्रा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर,
विकास खण्ड-सुरसा, 
जनपद-हरदोई।

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