गणेश आराधना

जय गणपति जय दीन दयाला।
माता   गौरी   के   तुम   लाला।।
शिव   शम्भू   के   राज  दुलारे।
षडानन   की   आँख  के  तारे।।

माता  पिता  परिक्रमा  कीन्ही।
धरा  गगन  से   समता  दीन्ही।।
बने   प्रथम   पूजा  अधिकारी।
प्रभु  तुम  तो सबके हितकारी।।

रिद्धि  सिद्धि  हैं  साथ  तुम्हारे।
पूरण    करते    काज   हमारे।।
एक  दन्त    लम्बोदर   स्वामी।
प्रभु   तुम  तो  हो  पूरणकामी।।

तुम  ही   रक्षक  तुम  ही भर्ता।
तुम  ही   हो   विघ्नों  के  हर्ता।।
गजानना  तुम  हो गण नायक।
प्रथम  पूज्य  हो मूषक वाहक।।

मोदक अति प्रिय तुमको लागे।
प्रणमत हम प्रभु चरणन आगे।।
राग    द्वेष   से   दूर  रहें  हम।
सुमरें  तुमको  ध्यान  धरें हम।।

रचयिता
गुंजन शुक्ला, 
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय गणेशपार्क,
विकास खण्ड-औरैया,
जनपद -औरैया।

Comments

Total Pageviews