नन्हा कलाम

माँ मुझको स्कूल पठा दे
कॉपी बस्ता भी दिला दे
मन लगाकर खूब पढ़ूँगा
पढ़ लिखकर आगे बढूँगा
रोशन तेरा नाम करूँगा
माँ, मैं कलाम बनूँगा।

उनके पद चिन्हों पर चलूँगा
कठिन डगर पर नहीं डिगूँगा
सदा सरल व्यवहार करूँगा
उच्च, अडिग विचार रखूँगा
जीवन को नया आयाम दूँगा
माँ, मैं कलाम बनूँगा।

सदा सत्य की राह चलूँगा
देश सेवा की चाह रखूँगा
अधर्म में ना पाव धरूँगा
सर्वधर्म समभाव रखूँगा
देश को नया मुकाम दूँगा
माँ, मैं कलाम बनूँगा।

देशहित में सब अर्पित करूँगा
स्वयं को भी समर्पित करूँगा
अमर शहीदों का गान करूँगा
भारत माँ का सम्मान करुँगा
सदा राष्ट्रहित का पैगाम दूँगा
माँ, मैं कलाम बनूँगा।

रचयिता
रीनू पाल,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय दिलावलपुर,
विकास खण्ड - देवमई,
जनपद-फतेहपुर।

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