आओ नमन करें माँ भारती के शहीदों को
15 अगस्त के शुभ अवसर पर
करती हूँ मैं सबका अभिनंदन।
आओ मिलकर नमन करें
उन अमर शहीद जवानों को।
किया जिन्होंने हमें आज़ाद
क्रूर फिरंगियों के अत्याचारों से।
नहीं तो, कराह रही थी भारत माँ
जनमानुष की करूण पुकार से।
अपने ही देश में बिता रहे थे
हम जीवन गुलामों का।
गुलामी की ज़ंजीर पड़ी थी
जो भारत माता के गले में।
तोड़ने का उसको किया फैसला
भारत के वीर सपूतों ने।
बज गया घर -घर क्रान्ति का बिगुल
निरीह जनता ने भी ली अंगड़ाई।
देखकर इस अनोखे परिवर्तन को
खुलीं रह गई आँखें गोरे शासकों की।
कर दिखाया वीर जवानों ने
स्वपन को साकार जनमानुष के।
हो गये मुक्त हम भारतवासी
बरसों के अत्याचारों व गुलामी से।
भुला ना सकेगें हम भारतवासी
वीरों के इस महान बलिदान को।
खाते है आज सौगंध भारत माँ की
इस पावन -पवित्र शुभ बेला पर।
कर देंगे समर्पित सब कुछ अपना
देश रक्षा की ख़ातिर वक्त आने पर।
दूर भगाएँगे उन स्वार्थी तत्वों को
बाँटेंगे जो देश को जाति -धर्म के नाम पर।
तभी होगा बलिदान सार्थक
उन वीर अमर सपूतों का।
यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि हमारी
उन अमर बलिदानियों के प्रति।
आओ मिलकर नमन करें हम
माँ भारती के अमर सपूतों को॥
रचयिता
विमला रावत,
सहायक अध्यापक,
राजकीय जूनियर हाईस्कूल नैल गुजराड़ा,
विकास क्षेत्र-यमकेश्वर,
जनपद-पौड़ी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।
करती हूँ मैं सबका अभिनंदन।
आओ मिलकर नमन करें
उन अमर शहीद जवानों को।
किया जिन्होंने हमें आज़ाद
क्रूर फिरंगियों के अत्याचारों से।
नहीं तो, कराह रही थी भारत माँ
जनमानुष की करूण पुकार से।
अपने ही देश में बिता रहे थे
हम जीवन गुलामों का।
गुलामी की ज़ंजीर पड़ी थी
जो भारत माता के गले में।
तोड़ने का उसको किया फैसला
भारत के वीर सपूतों ने।
बज गया घर -घर क्रान्ति का बिगुल
निरीह जनता ने भी ली अंगड़ाई।
देखकर इस अनोखे परिवर्तन को
खुलीं रह गई आँखें गोरे शासकों की।
कर दिखाया वीर जवानों ने
स्वपन को साकार जनमानुष के।
हो गये मुक्त हम भारतवासी
बरसों के अत्याचारों व गुलामी से।
भुला ना सकेगें हम भारतवासी
वीरों के इस महान बलिदान को।
खाते है आज सौगंध भारत माँ की
इस पावन -पवित्र शुभ बेला पर।
कर देंगे समर्पित सब कुछ अपना
देश रक्षा की ख़ातिर वक्त आने पर।
दूर भगाएँगे उन स्वार्थी तत्वों को
बाँटेंगे जो देश को जाति -धर्म के नाम पर।
तभी होगा बलिदान सार्थक
उन वीर अमर सपूतों का।
यही होगी सच्ची श्रद्धांजलि हमारी
उन अमर बलिदानियों के प्रति।
आओ मिलकर नमन करें हम
माँ भारती के अमर सपूतों को॥
रचयिता
विमला रावत,
सहायक अध्यापक,
राजकीय जूनियर हाईस्कूल नैल गुजराड़ा,
विकास क्षेत्र-यमकेश्वर,
जनपद-पौड़ी गढ़वाल,
उत्तराखण्ड।

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