माँ भारती
हे वंदनीय भारत।
अभिनंदनीय भारत।
हे मातृभूमि भारत।
हे पितृभूमि भारत।
माटी हमारी भारत।
परम धर्म है भारत।
मन है हमारा भारत।
तन है हमारा भारत।
तुझको नमन है भारत।
शत-शत नमन है भारत।
वैभव अमर हो भारत।
भूउर्वरा हो भारत।
प्यारा है हमको भारत।
शत-शत नमन है भारत।
माँ भारती है भारत।
अभिनंदनीय भारत।
विद्या हमारी भारत।
धन संपदा है भारत।
गौरव महान भारत।
संसार में है लाया पहचान अपनी भारत।
केसरिया वस्त्र धारण अमर रहेगा भारत।
स्वर्णिम रहेगा भारत।
शत-शत नमन है भारत।
शत-शत नमन है भारत।
रचयिता
सुनीता मैन्दोलिया,
सहायक अध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय धीमरखेडा नवीन,
विकास खण्ड-काशीपुर,
जनपद-उधम सिंह नगर,
उत्तराखण्ड।
अभिनंदनीय भारत।
हे मातृभूमि भारत।
हे पितृभूमि भारत।
माटी हमारी भारत।
परम धर्म है भारत।
मन है हमारा भारत।
तन है हमारा भारत।
तुझको नमन है भारत।
शत-शत नमन है भारत।
वैभव अमर हो भारत।
भूउर्वरा हो भारत।
प्यारा है हमको भारत।
शत-शत नमन है भारत।
माँ भारती है भारत।
अभिनंदनीय भारत।
विद्या हमारी भारत।
धन संपदा है भारत।
गौरव महान भारत।
संसार में है लाया पहचान अपनी भारत।
केसरिया वस्त्र धारण अमर रहेगा भारत।
स्वर्णिम रहेगा भारत।
शत-शत नमन है भारत।
शत-शत नमन है भारत।
रचयिता
सुनीता मैन्दोलिया,
सहायक अध्यापक,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय धीमरखेडा नवीन,
विकास खण्ड-काशीपुर,
जनपद-उधम सिंह नगर,
उत्तराखण्ड।

बहुत सुंदर कविता सुनीता मैन्दोलिया जी
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