हम शिक्षक हैं
हम शिक्षक हैं, पथ प्रदर्शक हैं
शिक्षा की कीर्ति फैलाएँगे।
सूरज न सही, न बन पाएँ
दीपक बन रोशनी फैलाएँगे।।
थक हार के अगर हम बैठ गए
तो कुछ भी न कर पाएँगे।
मन मे दृढ़ विश्वास रखेंगे तो
एक दिन लक्ष्य को पाएँगे।।
परिवेश है कैसा, संसाधन हैं कम
इन बातों में अगर हम उलझेंगे
समस्याएँ तो ढेरों सामने हैं पर
समाधान भी हम ही खोजेंगे।।
जीवन मे अगर संघर्ष न हो
तो क्या समझेंगे जीवन को।
शिक्षक का दायित्व मिला है तो
पूरी निष्ठा से उन्हें निभाऍंगे।।
इन नन्हें बच्चों की आँखों ने
जाने कितने सपने देखे हैं।
हमसे जो आशाएँ जुड़ी इनकी
हम उनको संबल दिलाएँगे।।
तनिक विचार मन में ये लाएँ
क्यों ईश्वर ने ये काम दिया
इन नन्हें बच्चों को हम ही
उनकी सही राह दिखाऍंगे।।
आशावादी बने रहें हम
निराशा को दूर भगाएँगे
लक्ष्य बनाया जो जीवन का
उस लक्ष्य को एक दिन पाएँगे।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।
शिक्षा की कीर्ति फैलाएँगे।
सूरज न सही, न बन पाएँ
दीपक बन रोशनी फैलाएँगे।।
थक हार के अगर हम बैठ गए
तो कुछ भी न कर पाएँगे।
मन मे दृढ़ विश्वास रखेंगे तो
एक दिन लक्ष्य को पाएँगे।।
परिवेश है कैसा, संसाधन हैं कम
इन बातों में अगर हम उलझेंगे
समस्याएँ तो ढेरों सामने हैं पर
समाधान भी हम ही खोजेंगे।।
जीवन मे अगर संघर्ष न हो
तो क्या समझेंगे जीवन को।
शिक्षक का दायित्व मिला है तो
पूरी निष्ठा से उन्हें निभाऍंगे।।
इन नन्हें बच्चों की आँखों ने
जाने कितने सपने देखे हैं।
हमसे जो आशाएँ जुड़ी इनकी
हम उनको संबल दिलाएँगे।।
तनिक विचार मन में ये लाएँ
क्यों ईश्वर ने ये काम दिया
इन नन्हें बच्चों को हम ही
उनकी सही राह दिखाऍंगे।।
आशावादी बने रहें हम
निराशा को दूर भगाएँगे
लक्ष्य बनाया जो जीवन का
उस लक्ष्य को एक दिन पाएँगे।।
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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