मित्रता

सोचा न था कभी ऐसी दोस्ती होगी
साथ मेरे टीम मिशन संवाद की होगी

जन्नत की गलियों के ख्वाब क्यूँ देखूँ जब
टीम मिशन संवाद समूह के सारे दोस्त साथ होंगे मेरे
पूरे शिक्षा जगत मे शिक्षाप्रद की लहर होगी दोस्त साथ हो तो टीम का सम्मान है दोस्त ना हो तो हम सब का अपमान है

खुशबू जैसे दोस्त हैं तो खुशबू महके चारों ओर
मित्रता की इस रात में मित्र उगती भोर

मित्र स्वर्ग की देन हैं मित्र धरा के रंग
मित्र सदा मन में बसे बन जीवन के ढंग

सोचा ना था कभी ऐसी दोस्ती होगी
साथ मेरे टीम मिशन शिक्षण संवाद विचार शक्ति की होगी

रचयिता 
सुमन रानी,
प्रधानाध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सरकोट, 
विकास खण्ड-देवाल,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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