पेड़ अनोखे
पेड़ों की यह बात अनोखी,
देते सबको अपना सब कुछ...
छाया देते, ऑक्सीजन देते,
नहीं किसी में करते अंतर।।
फल, फूल से भरते जब ये,
झुक जाती इनकी शाखाएँ...
धरती का भी मान बढ़ाते,
मिट्टी-कटाव से इसे बचाएँ।।
फर्नीचर और ईंधन हेतु,
करते अपना सर्वस्व समर्पण...
जीव -जंतुओं को मिल जाता,
पेड़ों के ऊपर अपना घर।।
आओ हम भी इनसे सीखें,
'देना' हो जीवन का लक्ष्य...
भेदभाव ना करें किसी से,
सम भाव ही जीवन सत्य।।
रचयिता
आकांक्षा गुप्ता,
सहायक अध्यापिका,
कम्पोजिट विद्यालय बड़्ढा वाजिदपुर,
विकास क्षेत्र- स्याना,
जनपद-बुलंदशहर।
देते सबको अपना सब कुछ...
छाया देते, ऑक्सीजन देते,
नहीं किसी में करते अंतर।।
फल, फूल से भरते जब ये,
झुक जाती इनकी शाखाएँ...
धरती का भी मान बढ़ाते,
मिट्टी-कटाव से इसे बचाएँ।।
फर्नीचर और ईंधन हेतु,
करते अपना सर्वस्व समर्पण...
जीव -जंतुओं को मिल जाता,
पेड़ों के ऊपर अपना घर।।
आओ हम भी इनसे सीखें,
'देना' हो जीवन का लक्ष्य...
भेदभाव ना करें किसी से,
सम भाव ही जीवन सत्य।।
रचयिता
आकांक्षा गुप्ता,
सहायक अध्यापिका,
कम्पोजिट विद्यालय बड़्ढा वाजिदपुर,
विकास क्षेत्र- स्याना,
जनपद-बुलंदशहर।

बहुत अच्छा लिखा है आपने
ReplyDeleteVery nice keep it up 👋👋👋👋👋👌👌👌
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