देश भक्ति कहरवा
हे! हमार देशवा, हो! हमार देशवा।
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
चहकेंली चिड़िया इहवाँ रोज भोर हरिया,
अमवा की डरिया पें बोले कोइलरिया।
मोरवा नाचे, मोर नगरिया हमार देशवा,
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
गौतम जनमे, जनमे इहवाँ कृष्ण-कन्हैया,
माई के समान जहाँ पूजन जातीं गईया।
गाँधी, नेहरू की नगरिया हमार देशवा,
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
रचयिता
अरविन्द कुमार यादव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय करमहाँ- प्रथम,
विकास खण्ड-सदर,
जनपद-महराजगंज।
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
चहकेंली चिड़िया इहवाँ रोज भोर हरिया,
अमवा की डरिया पें बोले कोइलरिया।
मोरवा नाचे, मोर नगरिया हमार देशवा,
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
गौतम जनमे, जनमे इहवाँ कृष्ण-कन्हैया,
माई के समान जहाँ पूजन जातीं गईया।
गाँधी, नेहरू की नगरिया हमार देशवा,
बाटे सोने की चिरइया हमार देशवा।।
रचयिता
अरविन्द कुमार यादव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय करमहाँ- प्रथम,
विकास खण्ड-सदर,
जनपद-महराजगंज।

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