घी त्योहार

उत्तराखंड का लोक त्योहार
घी संक्रांति मनाते सपरिवार

फसलों में बालियों की शुरुआत
ऋतु परिवर्तन का सुनहरा आगाज

किसान पशुपालक मनाते मिलकर
प्राचीन काल से यह हमारी धरोहर

घी खाने पीने व खिलाने का दिन
कितना खाया - पिया उसे न गिन

दही मथ बनता ताजा मक्खन
पकवानों से आज भर जाता मन

पहाड़ी अनाजों के व्यंजन गुणकारी
खीर पुवे बेड़ू  और मडवे की रोटी

इस मौसम में घी होता गुणकारी
जिसकी प्राचीन काल से जानकारी

माना जाता जो इस दिन घी न खाता
वह अगले जन्म गनेल जीवनी पाता

रचयिता
भाष्कर पन्त, 
सहायक अध्यापक, 
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रौल्याना,
विकास खण्ड-गरुड़, 
जनपद-बागेश्वर, 
उत्तराखण्ड।

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