हमारा परिवार

विषय -हमारा परिवेश 
कक्षा-3,
पाठ-1
हमारा परिवार

नींव हमारी होता परिवार
संबल देता है परिवार,
थक जाएँ जो कदम कभी
हिम्मत देता है परिवार।।
मिल-जुलकर सब रहते साथ
सुख-दुख  सब सहते हैं साथ,
एक-दूजे की मदद हैं करते
होता है ऐसा परिवार।।
बड़े बूढ़ों का रखो ध्यान
उनकी सेवा उनका मान,
संस्कार हमको सिखलाता
पहली पाठशाला होता परिवार।।
जब हम दूर शहर को जाते
पढ़ने जाते या काम पे जाते,
याद बहुत आता परिवार
अपनो का वो लाड़ दुलार।।
मिलकर सब त्योहार मनाते
संग-संग हँसते और हैं गाते,
माँ के हाथों के पकवान
 मिलकर खाता है परिवार।।
माँ की ममता, पिता का प्यार
दादी की लोरी बाबा का दुलार,
भाई से झगड़ा, दीदी की मनुहार
कितना सुंदर होता परिवार।।
बचपन के वो खेल-खिलौने
साथी संगी वो खेल निराले,
भूल चले थे हम उनको पर
याद दिलाता है परिवार।।
               
रचयिता
डॉक्टर नीतू शुक्ला,
प्रधान शिक्षक,
मॉडल प्राइमरी स्कूल बेथर 1,
विकास खण्ड-सिकन्दर कर्ण,
जनपद-उन्नाव।

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