मच्छर दिवस

   भिनभिनकर आए,
 रोज रात को मच्छर।
       कभी हाथ कभी पैर पर,
       काटते हैं मच्छर।
डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारी,
 फैलाते हैं मच्छर।
      हाथ नहीं खुजलाते रुकता,
      जब काट जाते है मच्छर।
 गंदा पानी रुकने मत दो,
 नहीं पनपेंगे मच्छर।
      कूलर का नित पानी बदलो,
      नहीं रहेंगे मच्छर।
 मॉर्टिन कोने-कोने में छिड़को,
 भाग जाएँगे मच्छर।
     साफ-सफाई सब जगह रखो,
     नहीं दिखेंगे मच्छर।

रचयिता
नीलम सिंह, 
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।

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