विश्व जैव ईंधन दिवस
10 अगस्त को रूडोल्फ डीजल ने
परचम अपना लहराया,
मूँगफली के तेल से
मैकेनिकल इंजन चलाया।
उनके इस प्रयोग से
सम्पूर्ण विश्व हुआ चकित,
'जैव ईंधन' है लाभकारी
हुआ विश्व इससे परिचित।
जैट्रोफा से बायोडीजल
गन्ने से उत्पन्न हो विद्युत,
कुकिंग, ईंधन व रोशनी के लिये
बायोगैस है उपयुक्त।
वातावरण की स्वच्छता
किसानों का हित,
ग्रामीण रोजगार के अवसर
जैव ईंधन में हैं निहित।
जैव ईंधन है धुआँरहित
हे मानव तू जाग,
जीवाश्म ईंधन में कार्बन बहुत
कर इसका परित्याग।
रचयिता
मंजू गुसांईं,
सहायक अध्यापक,
राजकीय आवासीय प्राथमिक विद्यालय थराली,
विकास खण्ड-थराली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।
परचम अपना लहराया,
मूँगफली के तेल से
मैकेनिकल इंजन चलाया।
उनके इस प्रयोग से
सम्पूर्ण विश्व हुआ चकित,
'जैव ईंधन' है लाभकारी
हुआ विश्व इससे परिचित।
जैट्रोफा से बायोडीजल
गन्ने से उत्पन्न हो विद्युत,
कुकिंग, ईंधन व रोशनी के लिये
बायोगैस है उपयुक्त।
वातावरण की स्वच्छता
किसानों का हित,
ग्रामीण रोजगार के अवसर
जैव ईंधन में हैं निहित।
जैव ईंधन है धुआँरहित
हे मानव तू जाग,
जीवाश्म ईंधन में कार्बन बहुत
कर इसका परित्याग।
रचयिता
मंजू गुसांईं,
सहायक अध्यापक,
राजकीय आवासीय प्राथमिक विद्यालय थराली,
विकास खण्ड-थराली,
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

अति सुंदर👌👌👌
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर रचना
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