महिला सशक्तीकरण विशेषांक-139 ,पूनम पोरवाल औरेया

*👩‍👩‍👧‍👧महिला सशक्तीकरण विशेषांक-139*

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*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
(दिनाँक- 24 जुलाई 2019)

नाम:-पूनम पोरवाल
पद:- प्रधानाध्यापक
विद्यालय:-प्राथमिक विद्यालय सुरान ,औरैया
जनपद -औरैया
*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
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मैं 13 जुलाई 2016 को प्राथमिक विद्यालय सुरान औरैया में स्थानांतरण के माध्यम से आई थी । कार्यभार ग्रहण के समय विद्यालय में छात्र नामांकन 58 था और कुल 26 छात्र ही उपस्थित थे ।अनेक अव्यवस्था और गंदगी दिखाई दे रही थी ,बच्चों के विद्यालय आने-जाने कक्षा-कक्ष में बैठने पढ़ने का कोई समय निर्धारित नहीं था मैंने मन ही मन द्रण संकल्प लिया कि शीघ्र ही  इन अव्यवस्थाओं को समाप्त कर अनुशासित और शैक्षिक वातावरण निर्मित करना है ।
*भौतिक वातावरण सुधार हेतु किये गए कार्य*
कार्यभार ग्रहण के दूसरे दिन ही विद्यालय का मुख्य द्वार ठीक कराया जिससे आवारा पशुओं का विद्यालय में आवागमन बंद हुआ । गंदगी से छुटकारा पाने के लिए सफाई अभियान चलाया रंगाई पुताई रैंप मरम्मत फर्श मरम्मत ध्वजारोहण के लिए फूल क्यारियों का निर्माण , हेडपंप के चारों ओर प्लास्टर कराया इससे विद्यालय का भौतिक वातावरण आकर्षक हो गया। क्यारियों में फूलों के अनेक पौधे लगवाए जो आज विद्यालय के सौन्दर्य को अत्यधिक बढ़ा रहे हैं ।
*नामांकन एवं उपस्थिति में किये गए सुधार*
बच्चों के नामांकन एवं उपस्थिति के लिए निरंतर अभिभावक संपर्क किया विद्यालय की गतिविधियों को दिखाने के लिए मीटिंग एवं प्रचार-प्रसार किया इसका परिणाम यह हुआ कि आज विद्यालय की उपस्थिति में आसान बढ़ोतरी हुई एवं नामांकन शतक पार कर गया 2 वर्ष में ही विद्यालय में छात्र नामांकन 58 से बढ़कर 121 हो गया । समय सारणी के अनुसार विद्यालय की प्रत्येक गतिविधि का निर्धारण किया गया । निर्धारित समय पर घंटी बजना, प्रार्थना ,पी.टी, योग ,सामान्य ज्ञान प्रश्न एवं नियमित स्वच्छता पर बात करके बच्चों में मानसिक अनुशासन जागृत हो गया । इन सब कार्यों के लिए मैंने बच्चों की अलग-अलग टीमें नियुक्ति की । प्रतिदिन अंतिम घंटे में दिनों के आधार पर अलग-अलग खेल खो- खो कबड्डी ,क्रिकेट ,अंताक्षरी एवं मीनिंग अंताक्षरी ,फुटबॉल ,रस्सी कूद प्रारंभ किया । महीने के अंतिम दिन बच्चों का जन्मदिन मनाना । प्रत्येक कक्षा के सर्वाधिक उपस्थिति वाले तीन-तीन बच्चों को पुरस्कार देना । समय-समय पर प्रतियोगिता का आयोजन प्रारंभ किया इससे अभिभावक भी अत्यंत प्रभावित हुए हैं ।
*शैक्षिक स्तर सुधारने में किये गए प्रयास*
शैक्षिक वातावरण उन्नयन हेतु मेरा प्रयास सर्वाधिक रहा । इसके लिए विद्यालय में पूर्व नियुक्त सहायक अध्यापक का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ
। आश्रम पद्धति विद्यालय, सैनिक विद्यालय में भी बच्चे चयनित हुए ।शैक्षिक उन्नयन के लिए मासिक टेस्ट,योग्य छात्रों को पुरस्कृत करना, बच्चों को स्टेशनरी (कॉपी ,पेन, पेंसिल  रंग ,रबर ,बॉक्स) वितरण एवं सफल छात्रों की फ्लेक्स फ़ोटो बनवाना जैसे कार्य प्रारंभ किये ।

    मेरा निरंतर  प्रयास रहेगा कि इस स्कूल के छात्र सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ें और स्थान प्राप्त करें ।
*कौन क्या कर रहा है यह महत्वपूर्ण नहीं*
*हम क्या कर रहे हैं यह अधिक महत्वपूर्ण है*
_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*

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