महिला सशक्तीकरण विशेषांक-127,श्रीमती मीनाक्षी ,गाज़ियाबाद

*👩‍👩‍👧‍👧महिला सशक्तीकरण विशेषांक-127*

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*मिशन शिक्षण संवाद परिवार की बहनों की संघर्ष और सफ़लता की कहानी*
(दिनाँक- 10जुलाई 2019)
नाम : श्रीमती मीनाक्षी
पद:-प्रधानाध्यापक
विद्यालय:-प्राथमिक विद्यालय चमन विहार लोनी गाजियाबाद
प्रथम नियुक्ति : 28.12.05
वर्तमान  विद्यालय में नियुक्ति: 15.05 .19

*सफलता एवं संघर्ष की कहानी :-*
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"अगर आप सूर्य की तरह चमकना चाहते हो तो पहले अपने आप को जलाना पड़ेगा "
  
मैंने इसी बात को आधार मानकर अपना सफर प्रधानाध्यापक के पद पर जुलाई 2018 में शुरू किया मन बहुत ही उत्साहित था पर  सफर  आसान नहीं था  बहुत से लोग मनोबल को गिराने वाले भी थे विद्यालय की स्थिति को देखकर मेरा मन अंदर से बहुत दुखी था एक बार तो मन में आया की प्रमोशन नहीं होता तो अच्छा था क्योंकि मेरे सामने चुनौती बहुत थी  विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति नामांकन संतोषजनक नहीं था स्टाफ में 8 अध्यापक  थे फिर भी विद्यालय में कोई सुधार नहीं था ।

नामांकन -
2017-200
जुलाई 2018 -268
 
   ▪ हमारे प्रयास ▪
⏳ घर-घर संपर्क से पता चला कि सरकारी विद्यालय के प्रति आस पड़ोस वालों की सोच नकारात्मक थी सभी की सोच को सकारात्मक किया ।
⌛ विद्यालय की स्थिति को देखकर कोई भी नामांकन नहीं कराना चाहता था अभिभावकों से बात करी तो नामांकन बड़ा और  सभी बच्चों को अपनी कक्षा में प्रथम व द्वितीय तृतीय स्थान आने पर पुरस्कृत किया गया और जो  बच्चे विद्यालय में  समय से आते हैं उन्हें भी पुरस्कृत किया गया जिससे विद्यालयों  के  प्रति रुझान बढ़ा कक्षा 5 को पास करने वाले सभी विद्यार्थियों को पुरस्कार दिया गया और उनकी विदाई समारोह किया गया ।

⬛विद्यालय परिसर⬛
विद्यालय के साथ बहुत ही गहरा नाला बह रहा था जिसमें बच्चों के गिरने का भय बना रहता था बाउंड्री वाल नहीं थी कोई गेट नहीं था चारों ओर से आने जाने वाले ने रास्ता बना रखा था विद्यालय 5 फुट नीचे गहरा था कमरों में फर्श भी टूटा फूटा था बच्चों को टाट पट्टी पर बैठने पर कठिनाई होती थी पत्थर चुभते थे बरसात के दिनों में तालाब बन जाता था कमरों में आने जाने में बहुत  कठिनाई होती थी आवारा पशुओं ने जगह बना रखी थी सारे विद्यालय में पशुओं का गोबर रहता था ।

उपलब्धि:
✍🏻सबसे पहले बच्चों व अभिभावकों को विद्यालय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बनाया गया।

✍🏻विद्यालय  की सीमा तक के नाले को बड़े-बड़े पत्थरों द्वारा ढकवा या गया ।

✍🏻कमरों में फर्श करवाया गया ।

✍🏻विद्यालय में गेट लगवाया गया और गेट के ऊपर विद्यालय का नाम भी बड़े सुंदर अक्षरों से लिखवाया गया  ।

✍🏻विद्यालय में नगर पालिका द्वारा मिट्टी का भराव करवाने के लिए मदद ली गई।

✍🏻अब विद्यालय बहुत सुंदर और अच्छा लगता है और मेरा प्रयास आगे भी विद्यालय को सुधारने के लिए हमेशा रहेगा ।

✍🏻विद्यालय के परिवेश को देखते हुए बच्चों के प्रति पढ़ने के लिए रुचि पैदा हुई  सभी शिक्षक नई-नई गतिविधियों द्वारा अपनी कक्षा को जिम्मेदारी से पढ़ाते हैं ।

✍🏻 मेरे विद्यालय के प्रति किए गए कार्य को देखते हुए और मेरे प्रयास को देखते हुए मेरे समस्त अध्यापक  ने मुझे सहयोग दिया और प्रोत्साहित किया और विद्यालय के प्रति उनका भी रुझान बढ़ा ।

🙏🙏

_✏संकलन_
*📝टीम मिशन शिक्षण संवाद।*

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