105/2025 बाल कहानी- 18 जुलाई


बाल कहानी - चतुर रोबो और नन्हा कार्तिक
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पुनावलीकलां गाँव में बारह साल का एक होशियार लड़का रहता था- कार्तिक। वह हमेशा सवाल पूछता रहता कि,- “बिजली कैसे बनती है? पेड़ कैसे साँस लेते हैं? चाँद पर कौन गया?”
गाँव में न तो अच्छी लाइब्रेरी थी, न इन्टरनेट और न ही कम्प्यूटर। लेकिन कार्तिक के सपने बड़े थे। वह वैज्ञानिक बनना चाहता था। 
एक दिन गाँव में आया एक अनोखा तोहफा। शहर से आये एक विज्ञान शिक्षक ने गाँव के बच्चों को एक ए.आई. रोबोट दिया। नाम था 'चतुर रोबो'। वह एक छोटा स्मार्ट रोबोट था, जो बच्चों के सवालों का जवाब दे सकता था। होमवर्क में मदद कर सकता था और विज्ञान के छोटे-छोटे प्रयोग भी सिखाता था।
कार्तिक 'चतुर रोबो' का सबसे अच्छा दोस्त बन गया। वे साथ बैठते, बातें करते और रोज कुछ नया सीखते।
ए.आई. से शिक्षा का चमत्कार कैसे हो? उन्होंने बताया।
चतुर रोबो ने कार्तिक को गणित को आसान तरीकों से सिखाया। अंग्रेजी बोलना सिखाया, ताकि वह आत्मविश्वासी बने। विज्ञान के मॉडल्स बनवाए, जिससे
कार्तिक ने गाँव के मेले में पहला इनाम जीता। 
धीरे-धीरे गाँव के दूसरे बच्चे भी रोबो से सीखने लगे। अब हर बच्चा तकनीक से जुड़ने लगा। किताबें और सवाल अब बच्चों को डराते नहीं थे। वे रोबो से पूछकर समझ जाते थे।

 #संस्कार_सन्देश -
ए.आई. अगर सही हाथों में हो, तो यह हर बच्चे का सबसे अच्छा शिक्षक बन सकता है।

कहानीकार - 
#रचना_तिवारी (ई०प्र०अ०)
प्राथमिक विद्यालय ढिमरपुरा पुनावली कलां, बबीना, झाँसी
(उत्तर- प्रदेश)

✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद
#दैनिक_नैतिक_प्रभात

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