पृथ्वी दिवस
पृथ्वी दिवस मनाएँगे,
हम सबको जगाएँगे।
पृथ्वी बचाने का,
संकल्प सब दुहराएँगे।।
एक वृक्ष 100 पुत्र समान,
हे मानव! तू यह सब जान।
वृक्ष धारा के हैं आभूषण,
करते हैं वे दूर प्रदूषण।।
संतति बचाना है तो,
धरा बचाना है तो।
जल को बचाना होगा,
पवन को बचाना होगा।।
वृक्षों को लगाएँगे,
नीर को बचाएँगे।
पुष्प भी महकाएँगे,
मंगल गीत गाएँगे।।
रचयिता
अंजू गुप्ता,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय खम्हौरा प्रथम,
विकास क्षेत्र-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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