65/2025, बाल कहानी- 17 अप्रैल
बाल कहानी - नामांकन मेला
-------------------------
समाना नमक गाँव के प्राथमिक विद्यालय में नामांकन मेला लगा था। मेले में मुख्य अतिथि के रूप में गाँव के प्रधान जी के साथ अन्य बड़े-बड़े गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ सभी अध्यापक-अध्यापिकाएँ उपस्थित थीं। बच्चे कुछ नाटक, नृत्य, प्रस्तुत कर रहे थे।
तभी अचानक पूर्व वर्ष में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर विशेष स्थान प्राप्त बच्चों के सम्मान कार्यक्रम की घोषणा की जा रही थी। विद्यालय से अनेक बच्चों को इसके लिए सम्मान-पत्र और शील्ड प्रदान की जा रही थी।
तभी रौनक का नाम पुकारा गया। सभी रौनक की तरफ आश्चर्य से देख रहे थे। रौनक कोई साधारण बच्चा नहीं था। वह एक बैसाखी के सहारे धीरे- धीरे स्टेज पर जा रहा था। अचानक उसकी बैसाखी उसके हाथ से स्लिप हो गई, पर तुरन्त उसने स्वयं को संभाल लिया। स्टेज में पहुँचते ही विधायक जी ने उससे पूछा, "बेटा! तुम्हारा नाम क्या है?" बच्चे ने नम्रता से जबाव दिया, "आदरणीय! मेरा नाम रौनक हैं और मैं सदैव अपने नाम को चरितार्थ करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में रौनक बनाए रखने का प्रयास करता हूँ।"
तभी प्रधान जी ने कहा, "बेटा! तुम्हारा तो एक पैर खराब है, कैसे काम करते हो?" रौनक ने जवाब दिया, "आदरणीय! मैं अपनी कमी को अपनी पॉजिटिव सोच में बदलकर यह सोचता हूँ कि मेरा एक पैर बिल्कुल ठीक है। तो मैं सब कुछ कर सकता हूँ।" सभी अतिथि महोदयों को उस पर गर्व महसूस हुआ और उसे सबके द्वारा सम्मान दिया गया।
कुछ ही वर्ष के पश्चात उस गाँव में पुनः नामांकन मेला हुआ और इस बार विद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में एक बड़े अधिकारी को बुलाया गया। उस बड़े अधिकारी ने आकर सर्वप्रथम प्रधानाध्यक जी के चरण स्पर्श किए। प्रधानाध्यक जी सोच में पड़ गए, ये क्या!" वह हाथ जोड़कर खड़े हो गये। तब उस बड़े अधिकारी ने अपना परिचय दिया और बताया, "आदरणीय! मैं आपका रौनक हूँ।" आज मैं जो भी हूँ, आप सबकी वजह से ही हूँ। अब मैं ठीक से चल भी सकता हूँ। मैंने अधिकारी की परीक्षा पास करने के पश्चात एक मुहिम चलायी है, जो भी किसी कारण से किसी विशेष आवश्यकता वाले लोग हैं, उनकी मदद करता हूँ। मैं इस कार्यक्रम की शुरुआत अपने इस विद्यालय से करना चाहता हूँ। बस, क्या था? विद्यालय में नामांकन की होड़-सी लग गयी।
#संस्कार_सन्देश -
सच्चाई में बड़ी ताकत होती है।
कहानीकार-
#अंजनी_अग्रवाल (स०अ०)
उच्च प्रा० वि० सेमरुआ,
सरसौल, कानपुर नगर
✏️संकलन
📝टीम #मिशन_शिक्षण_संवाद #दैनिक_नैतिक_प्रभात
Comments
Post a Comment