चमकेंगे बनकर सितारे

चमकेंगे बनकर सितारे,
एक दिन हम गगन में।
महकेंगे घर-घर द्वारे,
शिक्षा की पवन से।
चमकेंगे बनकर...

पढ़-लिखकर प्रतिभाशाली बनेंगे,
आगे-आगे ही बढ़ते रहेंगे।
फैलेगा जग में नाम,
शिक्षा की महक से।
चमकेंगे बनकर...

नैतिकता का पाठ पढ़ेंगे,
जीवन मे इसे धारण करेंगे।
सीखेंगे बड़ों का सम्मान,
शिक्षा के सदन से।
चमकेंगे बनकर...

रचयिता
अशोक कुमार,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय रामपुर कल्याणगढ़,
विकास खण्ड-मानिकपुर,
जनपद-चित्रकूट।

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