एक दिया शहीदों के नाम
एक दिया शहीदों के नाम,
जिनका जीवन वतन के नाम।
करते सरहद पर वतन की वो रक्षा,
रहते घर से वो दूर सुबह और शाम।
उनके बलिदानों का रखना ध्यान,
शहीदों को मेरा शत-शत प्रणाम।
एक दिया शहीदों के नाम ----------------
सूना है उनका घर का कोना -कोना,
मगर वतन को बनाया उन्होंने सलोना।
उदास है आज पत्नी, रोती है माँ,
बच्चों ने खोया पिता सा आसमां।
एक दिया शहीदों के नाम - - - - - - - - - - - - - - - -
जलती रहेगी उनके सपनों की शमां,
जब तक जमीं है और आसमां।
झुकते नहीं वीर भारत के यहाँ,
लुटाते हैं वो वतन पर अपनी जां।
एक दिया शहीदों के नाम - - - - - - - - - - - - - - - -
शहीदों का वतन सदा महकता रहेगा,
अमर रहेगा सदा उनका यह गुलिस्तां।
"दीप" दिलों में जलाती रहेगी शमां,
वतन के लिए फिर चाहे जाए यह जां।।
रचनाकार
दीपमाला शाक्य दीप,
शिक्षामित्र,
प्राथमिक विद्यालय कल्यानपुर,
विकास खण्ड-छिबरामऊ,
जनपद-कन्नौज।

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