शुभ दीपावली
जगमग-जगमग कितने सारे,
जल गए देखो दीप हमारे|
दिए हैं ये दिवाली के,
खुशियों और खुशहाली के||
14 वर्ष वनवास पूरा करके,
भगवान राम अयोध्या वापस आए|
उनके आगमन की खुशी में ही,
अयोध्या वासियों ने दिए जलाए||
फुलझड़ियाँ और आतिशबाजी,
खुशी में हम जलाते हैं|
नए-नए वस्त्र पहनते,
मिठाई खूब खाते हैं||
भगवान गणेश और लक्ष्मी की,
पूजा घर-घर की जाती है|
धन-धान्य और खुशहाली का,
आशीर्वाद दिवाली घर लाती है||
रचयिता
नौरीन सआदत,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसौरा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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