शिक्षक की पुकार
अब तुम जल्दी आ जाओ
बच्चों अब तुम जल्दी आ जाओ,
तुम बिन ये विद्यालय सूना- सूना लगता है।
आकर देखो तुम विद्यालय कितना,
सुंदर दिखता है।
कायाकल्प की ऐसी बही बयार,
तुम सबका विद्यालय हो गया निहाल।
अब तुम जल्दी आ जाओ...........
आकर देखो तुम काया की काया,
हर कमरे हो गये हैं सुजान।
हर कमरा सज गया है, सुंदर- सुंदर TLM से,
देखो तो ऐसा लगता जैसे हम आ गये हैं, सपनों के आँगन में।
अब तुम जल्दी आ जाओ..........
नहीं चलाना पड़ेगा हैंडपम्प अब तुमको,
ऐसी काया हो गयी, बटन दबाओ झट से ताजा- ताजा पानी पाओ।
अब तुम जल्दी आ जाओ.......
तुम्हें पुकारे विद्यालय, पुकारे है खेल का मैदान,
बच्चों अब तुम जल्दी आ जाओ।
आकर देखो तुम सुंदर सज गया है पुस्तकालय, सज गया है खेल का मैदान।
बच्चों अब तुम जल्दी आ जाओ,
तुम बिन ये विद्यालय सूना- सूना लगता है।
अब तुम जल्दी आ जाओ........
रचयिता
राजीव कुमार सिंह,
सहायक अध्यापक,
कम्पोजित विद्यालय अख़री,
विकास खण्ड-हथगाम,
जनपद-फतेहपुर।

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