धरती करे पुकार

धरती करे पुकार

जागो मेरे प्यारे लाल

बचाओ हमें

बाग-बगीचे

उजाड़ने वालों से

प्रदूषण की

भरमार करने वालों से

कल कारखाने लगा

मेरी हरियाली

छीनने वालों से

मुझे बचाओ

नहीं तो मेरे साथ

तुम्हारी भी नैया

पार नहीं लगेगी

जागो और जगाओ

धरती माता को बचाओ


रचयिता
विनोद कुमार सीताराम दुबे,
शिक्षक,
गुरु नानक इंग्लिश हाईस्कूल एन्ड जूनियर कॉलेज,
भांडुप, 
मुंबई,
महाराष्ट्र।


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