शिक्षक

ज्ञान का भंडार है शिक्षक,

बच्चों का आधार है शिक्षक।

सही और गलत का ज्ञान शिक्षक ही बताता है।

उनकी जिंदगी को सही राह शिक्षक ही दिखाता है।

ग्रंथों को पढ़ना शिक्षक ही बताता है।

पुस्तकों का अर्थ पूर्ण ज्ञान शिक्षक ही बताता है।।

विद्यार्थी तो होता है एक कोरी स्लेट,

उसमें नये-नये रंग भरता है शिक्षक।।

शिष्य उसका दुनिया में सितारा बनकर चमके,

ऐसी अभिलाषा रखता है शिक्षक।।

शिक्षक से ही शिष्य की आधारशिला बनती है।

शिक्षक से उसकी जिंदगी,

अर्थ पूर्ण बनती है।

शिष्य की जिंदगी में,

रोशनी का दीप जलाता है शिक्षक।।

ज्ञान का भंडार है शिक्षक,

बच्चों का आधार है शिक्षक।।


रचयिता

बीना रानी,

सहायक अध्यापक, 

पूर्व माध्यमिक विद्यालय पुल नानू ऊ,

विकास खण्ड-अकराबाद,

जनपद-अलीगढ़।



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