नवाचार
आओ बंधु जानें नवाचार को आज,
इसमें करने हैं हमें नित नए काज,
नए और उपयोगी तरीके हैं आजमाना,
जो कि परिलक्षित है जीवन में आज।
नवीनता का संचार हो, परिवर्तन भी आए,
ऐसा विचार व्यवहार है कार्य में दिख जाए,
शिक्षा में नवाचार हो क्रियाशीलता के साथ,
नवीनतम तकनीकी विद्यालय में पहुँच जाए।
शिक्षा पद्धति को सुधारे, रोचकता हो प्रखर,
सर्वांगीण विकास बालक का तेज हो मुखर,
अधिगम प्रक्रिया सरल हो, बच्चे समझें शीघ्र,
अंतर्निहित शक्तियों का विकास नहीं फिर दुष्कर।
शिक्षकों के लिए भी अध्यापन हुआ आसान,
अन्धविश्वास कुरीतियों से दूर रहे इंसान,
कौशल का विकास भी हो हमारा उद्देश्य,
विविधता लाएँ कार्यों में, हो शैक्षिक पुनरुत्थान।
रचयिता
नम्रता श्रीवास्तव,
प्रधानाध्यापिका,
प्राथमिक विद्यालय बड़ेह स्योढ़ा,
विकास खण्ड-महुआ,

Comments
Post a Comment