बेरोजगारी के प्रकार
जब व्यक्ति को करने को ना मिले काम,
कहलाए तब यह अनैच्छिक बेरोजगारी।
अनैच्छिक बेरोजगारी के होते प्रकार सात,
बच्चों कर लो इन्हें अच्छी तरह आत्मसात।
कम मजदूरी में भी जब ना मिले काम,
कहलाए तब यह अल्प बेरोजगारी।
व्यवसाय में आई मंदी से जब हुए बेकाम,
कहलाए तब यह चक्रीय बेरोजगारी।
जब किसी स्थान विशेष में हुए बेकाम,
कहलाए तब यह संरचनात्मक बेरोजगारी।
जब चार व्यक्ति के काम को करें आठ,
कहलाए तब यह छिपी बेरोजगारी।
मौसम की मार से जब हुए काम बंद,
तब उत्पन्न हो गई मौसमी बेरोजगारी।
लॉकडाउन में आया जो आय-व्यय में अंतर,
उससे उत्पन्न हो गई घर्षणात्मक बेरोजगारी।
जब योग्यतानुसार ना मिले व्यक्ति को काम,
तब उत्पन्न हुई बच्चों शिक्षित बेरोजगारी।
रहो ना कभी बेरोजगार, करो निज काम की शुरुआत,
मिलजुल कर करो सब काम, दूर भगाओ बेरोजगारी।
रचयिता
शिल्पी वार्ष्णेय,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय मुकंदपुर,
विकास खण्ड-लोधा,
जनपद-अलीगढ़।

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