गरीबी उन्मूलन दिवस

गरीबी उन्मूलन नारा है, 

जागरूकता प्रयास हमारा है। 

निर्धनता को मिटाना है, 

सम्मानपूर्ण जीवन जीना है। 


अमीरी, गरीबी की रेखा, 

सदियों से चलती आयी है। 

सब देशों ने अलग-अलग, 

यह तस्वीर दिखलायी है। 


अशिक्षा, बेरोजगारी और महँगा, 

अमीरी, गरीबी और बीमारी। 

अनेकों कारण हैं इसके, 

अभी नहीं समाधान हुआ। 


बढ़ती जनसंख्या, रूढिवादिता, 

जातिवाद, ऊँच-नीच है। 

निर्धनता व्याप्त है समाज में, 

कृषिहीन, अन्न-धन हीन हैं। 


अभी भी देश की आधी जनता, 

भूमिहीन और घरहीन है। 

भुखमरी और स्वास्थ्य समस्या, 

कमजोर और दीन-हीन हैं। 


भेद मिटेंगे सारे जब, 

सम्मान मिलेगा सबको जब। 

गरीबी जड़ से जाएगी, 

जागरूकता सफल हो जाएगी। 


रोटी, कपड़ा और मकान, 

यह सबकी अभिलाषा है। 

इक दिन यह संकट मिटेगा, 

ऐसी हमको आशा है। 


गरीबी उन्मूलन दिवस मनाकर, 

इक दिन में यह हो न सकेगा। 

इस कारण के तह तक जाकर, 

तब यह सपना सफल बनेगा। 


रचयिता
बबली सेंजवाल,
प्रधानाध्यापिका,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय गैरसैंण,
विकास खण्ड-गैरसैंण 
जनपद-चमोली,
उत्तराखण्ड।

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