डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम
ज्ञानचक्षु जिनके उग्र थे,
घोर अचंभित सारे लोग थे।
जब भारत को ऐसा देख,
देश दुनिया के लोग मौन थे।
एक इंसा ने अपने दम पर,
भारत का इतिहास बदल डाला।
बस अपने ज्ञान और प्रतिभा के दम पर,
भारत को दुनिया में सिरमौर बना डाला।
वो शख्स थे अत्यंत शांत चित्त,
नाम था जिनका अब्दुल कलाम।
उनके शांत और सहज भाव को,
दुनिया करती आज सलाम।
मिसाइल हो या अंतरिक्ष,
हर विद्या में थे वो दक्ष।
जिनके अपने जीवन का,
भारत गौरव था मात्र लक्ष्य।
पूर्व राष्ट्रपति रहे वो फिर भी,
सादा सा जीवन जीना था।
भारत भूमि की मिट्टी से मिलकर,
उसमें ही तो बस जो मिलना था।
सर्वोच्च सम्मान जिन्हें मिले,
अपने जीवन काल में।
भारत रत्न उनको मिला,
अपने सुंदर जीवन काल में।
रामेश्वरम में जन्म लिया,
इस धरती को धन्य किया।
अपने अंतिम भाषण के चलते,
इस धरती से फिर विदा लिया।
रचयिता
रजत कमल वार्ष्णेय,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय खंजनपुर,
विकास खण्ड-इस्लामनगर,
जनपद-बदायूँ।

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