परिवर्तन
आओ शिक्षा के क्षेत्र में,
क्रांति की मशाल बनें,
उत्कृष्ट शिक्षा सेवा की,
विश्व में मिसाल बने।
चुनौतियाँ असंख्य खड़ीं
असाध्य नहीं है लक्ष्य किंतु,
परिवर्तन की राह का जब,
तुम बनो प्रारंभ बिंदु।
ध्यान रहे ना विचलित हो,
पल भर प्रयास और निष्ठा,
तुम पर ही निर्भर करती है,
राष्ट्र की प्रतिष्ठा।
हो रणभूमि या कर्मभूमि,
आचरण करो यह जान के,
तुम ही आखिर रक्षक हो,
विश्वास नाम सम्मान के।
बाधाओं से मत घबराना,
यह कब रूकती आती कई,
चाह ना मंजिल की छूटे,
चुन लेना तुम राह नयी।
लक्ष्य ज्ञान का तुम भेदो,
पाए क्षितिज परिभाषा तुमसे,
शिक्षा की ज्योति हर द्वार जलाएँ
राष्ट्र बाँधता आशा तुमसे।
रचयिता
शिखा वर्मा,
सहायक अध्यापिका,
राजकीय जय भारत जूनियर हाई स्कूल किशनपुर,
विकास खण्ड-रुड़की,
जनपद-हरिद्वार,
उत्तराखण्ड।
क्रांति की मशाल बनें,
उत्कृष्ट शिक्षा सेवा की,
विश्व में मिसाल बने।
चुनौतियाँ असंख्य खड़ीं
असाध्य नहीं है लक्ष्य किंतु,
परिवर्तन की राह का जब,
तुम बनो प्रारंभ बिंदु।
ध्यान रहे ना विचलित हो,
पल भर प्रयास और निष्ठा,
तुम पर ही निर्भर करती है,
राष्ट्र की प्रतिष्ठा।
हो रणभूमि या कर्मभूमि,
आचरण करो यह जान के,
तुम ही आखिर रक्षक हो,
विश्वास नाम सम्मान के।
बाधाओं से मत घबराना,
यह कब रूकती आती कई,
चाह ना मंजिल की छूटे,
चुन लेना तुम राह नयी।
लक्ष्य ज्ञान का तुम भेदो,
पाए क्षितिज परिभाषा तुमसे,
शिक्षा की ज्योति हर द्वार जलाएँ
राष्ट्र बाँधता आशा तुमसे।
रचयिता
शिखा वर्मा,
सहायक अध्यापिका,
राजकीय जय भारत जूनियर हाई स्कूल किशनपुर,
विकास खण्ड-रुड़की,
जनपद-हरिद्वार,
उत्तराखण्ड।

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