घर-घर दीप जलाएँगे
घर–घर में ज्ञान के दीप जलाएँ।
हिंदी दिवस पर खुशी मनाएँ।।
हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है।
हम सब की अभिलाषा है।।
आओ हिंदी बोलकर गर्व करें।
नहीं इसका अपमान करें।।
सब भाषाओं में न्यारी है।
जन–जन को प्यारी है।।
मीठे हैं हिंदी के बोल।
शब्द हैं इसके अनमोल।।
चारों तरफ गूँजे यही पुकार।
हिंदी का ही करो प्रचार।।
हम सब हिंदुस्तानी हैं।
अब रक्षा करने की ठानी है।।
आओ हिंदी बोलकर मान बढ़ाएँ।
देश का गौरव बनाएँ।।
हिंदी भारत की शान है।
हिन्द वासियों की जान है।।
घर–घर में ज्ञान के दीप जलाएँ।
हिंदी दिवस पे खुशियाँ मनाएँ।
रचयिता
सुमन कुशवाहा,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर,
विकास खण्ड-नेवादा,
जनपद-कौशाम्बी।
हिंदी दिवस पर खुशी मनाएँ।।
हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा है।
हम सब की अभिलाषा है।।
आओ हिंदी बोलकर गर्व करें।
नहीं इसका अपमान करें।।
सब भाषाओं में न्यारी है।
जन–जन को प्यारी है।।
मीठे हैं हिंदी के बोल।
शब्द हैं इसके अनमोल।।
चारों तरफ गूँजे यही पुकार।
हिंदी का ही करो प्रचार।।
हम सब हिंदुस्तानी हैं।
अब रक्षा करने की ठानी है।।
आओ हिंदी बोलकर मान बढ़ाएँ।
देश का गौरव बनाएँ।।
हिंदी भारत की शान है।
हिन्द वासियों की जान है।।
घर–घर में ज्ञान के दीप जलाएँ।
हिंदी दिवस पे खुशियाँ मनाएँ।
रचयिता
सुमन कुशवाहा,
प्रधानाध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर,
विकास खण्ड-नेवादा,
जनपद-कौशाम्बी।

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