आओ स्कूल चलें हम
आओ कुछ हम कर दिखाएँ,
हर एक को हम साक्षर बनाएँ।
घर-घर से बच्चे लाएँ,
शाला में नामांकन करवाएँ।
घर-घर से बच्चे लाएँ,
शाला में उन्हें पढ़ाएँ।।
सबसे पहले अक्षर ज्ञान कराएँ,
फिर बारह खड़ी का पाठ पढ़ाएँ।
इमला रोज-रोज करवाएँ,
रटन तोता नहीं बनाएँ।।
स्वच्छता का पाठ पढ़ाएँ,
दैनिक कार्यकलाप सिखाएँ।
व्यायाम भी रोज करवाएँ,
छुट्टी में जनगण करवाएँ।।
ज्ञान का ऐसा दीप जलाएँ।
शिक्षक बेसिक शिक्षा का मान बढ़ाएँ।
रचयिता
माधुरी पौराणिक,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हस्तिनापुर,
विकास खण्ड-बड़ागाँव,
जनपद-झाँसी।
हर एक को हम साक्षर बनाएँ।
घर-घर से बच्चे लाएँ,
शाला में नामांकन करवाएँ।
घर-घर से बच्चे लाएँ,
शाला में उन्हें पढ़ाएँ।।
सबसे पहले अक्षर ज्ञान कराएँ,
फिर बारह खड़ी का पाठ पढ़ाएँ।
इमला रोज-रोज करवाएँ,
रटन तोता नहीं बनाएँ।।
स्वच्छता का पाठ पढ़ाएँ,
दैनिक कार्यकलाप सिखाएँ।
व्यायाम भी रोज करवाएँ,
छुट्टी में जनगण करवाएँ।।
ज्ञान का ऐसा दीप जलाएँ।
शिक्षक बेसिक शिक्षा का मान बढ़ाएँ।
रचयिता
माधुरी पौराणिक,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय हस्तिनापुर,
विकास खण्ड-बड़ागाँव,
जनपद-झाँसी।

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