चंदा मामा
चंदा मामा आओ ना।
संग अपने ले जाओ ना।
आसमान में ढेरों तारे।
झिलमिल-झिलमिल करते सारे।
नीले-नीले अंबर की,
मुझे भी सैर कराओ ना।
चंदा मामा............
बादल काका चलते जाते।
घुमड़-घुमड़ कर नाच दिखाते।
जाकर बीच बादलों के,
आँख-मिचौली खिलाओ ना।
चंदा मामा..............
रैन बसेरा यहाँ जमाते।
दिन में कहाँ सैर पर जाते?
इसका राज जरा हमको,
जल्दी-जल्दी बताओ ना।
चंदा मामा आओ ना।
संग अपने ले जाओ ना।
रचयिता
रीनू पाल रूह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय दिलावलपुर,
विकास खण्ड - देवमई,
जनपद-फतेहपुर।
संग अपने ले जाओ ना।
आसमान में ढेरों तारे।
झिलमिल-झिलमिल करते सारे।
नीले-नीले अंबर की,
मुझे भी सैर कराओ ना।
चंदा मामा............
बादल काका चलते जाते।
घुमड़-घुमड़ कर नाच दिखाते।
जाकर बीच बादलों के,
आँख-मिचौली खिलाओ ना।
चंदा मामा..............
रैन बसेरा यहाँ जमाते।
दिन में कहाँ सैर पर जाते?
इसका राज जरा हमको,
जल्दी-जल्दी बताओ ना।
चंदा मामा आओ ना।
संग अपने ले जाओ ना।
रचयिता
रीनू पाल रूह,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय दिलावलपुर,
विकास खण्ड - देवमई,
जनपद-फतेहपुर।

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