सच्चा गुरु
जो जग में मानवता संदेश फैलाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
जीवन में अच्छा बुरा का ज्ञान कराए,
जातिभेद का अंतर जग से मिटाए,
एक व्यक्ति को वो इंसान बनाए,
विवेक शून्यता को जड़ से मिटाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
गीली मिट्टी को रौंद के मूरत बनाए,
कुंभकार बन समाज हेतु इसे पकाए,
संस्कारों के रंग इसमें भर जाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
दु:ख में सुख का मार्ग बतलाए,
संघर्षों से लड़ने की राह बताए,
निराशा के पल में आशा भर जाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
जो जग में आदर्शों की गंगा बहाए,
देवों को भी मुश्किल में राह दिखाए,
कह ओम जग को ओम का ज्ञान कराए,
दुनिया जिसके नित गुण गान सुनाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाये।
जो जग में मानवता संदेश फैलाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
जीवन में अच्छा बुरा का ज्ञान कराए,
जातिभेद का अंतर जग से मिटाए,
एक व्यक्ति को वो इंसान बनाए,
विवेक शून्यता को जड़ से मिटाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
गीली मिट्टी को रौंद के मूरत बनाए,
कुंभकार बन समाज हेतु इसे पकाए,
संस्कारों के रंग इसमें भर जाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
दु:ख में सुख का मार्ग बतलाए,
संघर्षों से लड़ने की राह बताए,
निराशा के पल में आशा भर जाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
जो जग में आदर्शों की गंगा बहाए,
देवों को भी मुश्किल में राह दिखाए,
कह ओम जग को ओम का ज्ञान कराए,
दुनिया जिसके नित गुण गान सुनाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाये।
जो जग में मानवता संदेश फैलाए,
वही हमारा सच्चा गुरु कहलाए।।
रचयिता
ओम प्रकाश श्रीवास्तव,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उदयापुर,
विकास खण्ड-भीतरगाँव,

Sach kathan
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