नामांकन की न छूटे कड़ी

तर्ज -  ज़िन्दगी की न टूटे लड़ी,

नामांकन की न छूटे कड़ी
नाम लिखवाओ अभी के अभी, 2
ओ.... लम्बी लम्बी डगरिया को छोडो़
स्कूल की एक किलोमीटर पर है बिल्डिंग खड़ी

ओ......
उन बच्चों का अनपढ़ रहना भी क्यूँ
जिन बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं
वो घर कोई घर नहीं, जिसमें अनपढ़ बच्चे बचें

आओ स्कूल में नाम लिखवाएँ अभी

नामांकन की न छूटे कड़ी....
भईया, बहिन स्कूल बिना
भाये न पढ़ाई यहाँ....

आज से ये वादा रहा
ड्रेस मिलेंगे एक जोड़ी इक साल पर
मिड डे मिल खाएँगे हम
भूखे रहेंगे न अब हम सब

पढ़ने लिखने की सबको पड़ी
नाम लिखवाओ, अभी के अभी

लाख मुसीबत आये तो क्या
पढ़ाई से बढ़कर कुछ भी नहीं

लिखनी है हर बच्चे की
कहानी फ़लक तक हसीं
टूट जाएगी निरक्षरता की बेडी़

नाम लिखवाओ, अभी के अभी

नामांकन की न छूटे कड़ी
नाम लिखवाओ, अभी के अभी

रचयिता
वन्दना यादव "गज़ल"
अभिनव प्रा० वि० चन्दवक,
विकास खण्ड-डोभी, 
जनपद-जौनपुर।

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