शिक्षक हमारे बड़े ही प्यारे
शिक्षक हमारे बड़े ही प्यारे,
दुनिया में लगते हैं सबसे न्यारे।
बच्चे होते हैं कोरी स्लेट,
अध्यापक पढ़ाकर करते उन्हें सैट।
गलत संगति से दूर हैं करते,
अच्छे विचारों की सीख हैं भरते।
सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ाते हैं हमको,
प्रगति पथ पर पहुँचाप हैं हमको।
निराशा घेरे जब आकर हमें,
आशा की किरण दिखाते वो हमें।
अज्ञानरूपी अंधकार को मिटाते,
ज्ञानरूपी प्रकाश को फैलाते।
बच्चों को शिक्षक आगे बढ़ाते,
हर समस्या का हल हैं बताते।
बच्चों के आगे विपदा जब आती,
उस विपदा के आगे खड़े हो जाते।
शिक्षक हमारे बड़े ही प्यारे,
दुनिया में लगते हैं सबसे न्यारे।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।
दुनिया में लगते हैं सबसे न्यारे।
बच्चे होते हैं कोरी स्लेट,
अध्यापक पढ़ाकर करते उन्हें सैट।
गलत संगति से दूर हैं करते,
अच्छे विचारों की सीख हैं भरते।
सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ाते हैं हमको,
प्रगति पथ पर पहुँचाप हैं हमको।
निराशा घेरे जब आकर हमें,
आशा की किरण दिखाते वो हमें।
अज्ञानरूपी अंधकार को मिटाते,
ज्ञानरूपी प्रकाश को फैलाते।
बच्चों को शिक्षक आगे बढ़ाते,
हर समस्या का हल हैं बताते।
बच्चों के आगे विपदा जब आती,
उस विपदा के आगे खड़े हो जाते।
शिक्षक हमारे बड़े ही प्यारे,
दुनिया में लगते हैं सबसे न्यारे।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।

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