साक्षरता

कोरा कागज़ है हर बच्चा
अगर शिक्षा नहीं दीक्षा नहीं है
अक्षरों का मोल नहीं है
कहीं यदि शब्द नहीं है

पलभर में बदल दे विचार वो शिक्षा
अधिकारों का भान दिला दे शिक्षा
अंधेरों में जो दीपक जला दे वो शिक्षा
साक्षर जन जन को बना दे शिक्षा

कोरा कागज़ है जहाँ
रीति नहीं शिक्षा दीक्षा की
धन का कोई मोल नहीं
यदि है अज्ञान व अशिक्षा

पल भर में सम्मान दिला दे शिक्षा
यश का गुणगान करा दे शिक्षा
जीवन को संवार दे वो शिक्षा
जन जन को साक्षर बना दे शिक्षा

प्रण कर लें हम सब मिलकर
जागृत कर दे जन-जन से मिलकर
दीप ज्ञान का हम जला दें
राष्ट्र की उन्नति हम करा दें

रचयिता
हिमांशी यादव,
सहायक शिक्षिका,
प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर,
विकास खण्ड-सफीपुर,
जनपद-उन्नाव।

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