माँ शारदे
हमें ज्ञान दे, वरदान दे।
हमें ऐसा तू विद्या दान दे।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
हमें बुद्धि दे हर अज्ञान दे
हमें सत्यपथ की पहचान दे
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
तू श्वेत पद्म विराजति,
ज्ञान दायिनी बुद्धिदायिनी।
तू कर में वीणा धारती,
ज्ञान दायिनी बुद्धिदायिनी।।
वेद पुराण संग विराजते।
तेरी महिमा देव बखानते।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
माता पिता की सेवा भाव हो,
संकल्प यह अविराम हो।
गुरूजनों का हर पल सम्मान हो,
यह ध्यान हो संज्ञान हो।।
हर माँ बहिन का सम्मान हो।
हमें हृदय ऐसा महान दे।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
धर्म जाति के अलगाव से,
ऊपर उठें, मानव बनें।
निर्बलों तथा दीन दुखियों की,
नि:स्वार्थ बन सेवा करें।।
जीवों पर करूणा भाव हो।
वसुधैव कुटुम्ब का भान दे ।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
राष्ट्र हित में हम भागीदार हों,
हर पल यह मन में विचार हो।
निज गाँव निज समाज में,
परोपकार का व्यवहार हो।।
निज भाषा निज संस्कृति पर।
मन में हमेशा सम्मान दें।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
हमें ऐसा तू विद्या दान दे।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
हमें बुद्धि दे हर अज्ञान दे
हमें सत्यपथ की पहचान दे
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
तू श्वेत पद्म विराजति,
ज्ञान दायिनी बुद्धिदायिनी।
तू कर में वीणा धारती,
ज्ञान दायिनी बुद्धिदायिनी।।
वेद पुराण संग विराजते।
तेरी महिमा देव बखानते।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
माता पिता की सेवा भाव हो,
संकल्प यह अविराम हो।
गुरूजनों का हर पल सम्मान हो,
यह ध्यान हो संज्ञान हो।।
हर माँ बहिन का सम्मान हो।
हमें हृदय ऐसा महान दे।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
धर्म जाति के अलगाव से,
ऊपर उठें, मानव बनें।
निर्बलों तथा दीन दुखियों की,
नि:स्वार्थ बन सेवा करें।।
जीवों पर करूणा भाव हो।
वसुधैव कुटुम्ब का भान दे ।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
राष्ट्र हित में हम भागीदार हों,
हर पल यह मन में विचार हो।
निज गाँव निज समाज में,
परोपकार का व्यवहार हो।।
निज भाषा निज संस्कृति पर।
मन में हमेशा सम्मान दें।।
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे! माँ शारदे!
रचयिता
रमेश चंद्र जोशी(सत्यम जोशी),
सहायक अध्यापक,
रा0 प्रा0 वि0 बैकोट,
विकास खण्ड - धारचूला,
जनपद - पिथौरागढ़,
उत्तराखण्ड।

बहुत सुंदर👌👌👌
ReplyDeleteबहुत सुदंर
ReplyDeleteBahut hi sundar n sandar jandar prathana
ReplyDeleteBahut sundar sir.ham hamesha aapke lekh padte hain .achha lagta hai
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