राष्ट्र निर्माता शिक्षक

मैं!  शिक्षक हूँ,
राष्ट्र निर्माता हूँ,
भूत वर्तमान भविष्य हूँ,
मैं शिक्षक हूँ!

जीवन के पथ पर,
मार्गदर्शक का रूप हूँ,
जीवन का अर्थ खोजता तिमिर को तोड़ता,
मैं शिक्षक हूँ!

 देश के फूलरूपी भविष्य  को,
 दिन प्रतिदिन सींचता,
भविष्य का अर्थ इन बच्चों में खोजता,
 मैं शिक्षक हूँ!

आशा व निराशा की मझधार में,
कण -कण आशाओं को जोड़ता,
जोड़ता उन उत्साह के उद्देश्यों को,
 जिन्हें मकसद हो मेरा पूरा करना  को,

राष्ट्र हित में सदैव तत्पर,
 इन नन्हें फूलरूपी बच्चों को,
 कच्ची मिट्टी की तरह तराशता,
बनाता उन्हें देश के कर्णधार,
कर देता इन बच्चों की दिक्कतें,
 पल भर में पार,

 शिक्षा की नित - नई खोजों को धारण करता,
 देश हित से जुड़े हर कार्य को पूर्ण करता,
 सभी व्यवस्थाओं का सृजनहार बनता,
मैं  शिक्षक हूँ,

मनुष्य गत मेरी भी हैं कुछ मजबूरियाँ,
 पर मेरे इस प्रशस्त पथ को रोक नहीं सकती यह बेड़ियाँ,
चाह नहीं पल-पल प्रशंसा से लिपटा जाऊँ,
बस चाह है कि कर्तव्यनिष्ठ होता जाऊँ,
मैं शिक्षक हूँ,

मैं शिक्षक हूँ!
 राष्ट्र निर्माता हूँ!
भूत वर्तमान भविष्य हूँ,
मैं शिक्षक हूँ!

रचयिता 
तेजेंदर कौर,
सहायक अध्यापिका,
अंग्रेजी माध्यम मॉडल प्राथमिक विद्यालय बिहारीगढ़,
विकास क्षेत्र-मुज़फ़्फ़राबाद,
जनपद-सहारनपुर।

Comments

  1. वाह मैम, बहुत सुंदर 👌👌
    शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत बधाई 🙏🌹

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