विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस
दुख से कभी दुखी मत होना,
अपने सपनों को मत खोना।
हर असफलता तुम्हें सिखाती,
अपनी कमियों को दूर करो।
अगर गलत हो जाए तुमसे,
घर परिवार में बात करो।
दृढ़ निश्चय, संकल्प अटूट कर,
आगे बढ़ने का प्रयास करो।
गलत बात, गंदी संगति से,
दूर रहने का प्रयास करो।
हत्या हो या आत्महत्या,
इस गलत विचार को दूर करो।
हार-जीत, असफलता -सफलता,
की सीढ़ियों को पार करो।
इसीलिए तुम कभी न रोना,
जीवन को मत तुम खोना।
नीलम का है सबसे कहना,
सतरंगी इस जहां में रहना।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।
अपने सपनों को मत खोना।
हर असफलता तुम्हें सिखाती,
अपनी कमियों को दूर करो।
अगर गलत हो जाए तुमसे,
घर परिवार में बात करो।
दृढ़ निश्चय, संकल्प अटूट कर,
आगे बढ़ने का प्रयास करो।
गलत बात, गंदी संगति से,
दूर रहने का प्रयास करो।
हत्या हो या आत्महत्या,
इस गलत विचार को दूर करो।
हार-जीत, असफलता -सफलता,
की सीढ़ियों को पार करो।
इसीलिए तुम कभी न रोना,
जीवन को मत तुम खोना।
नीलम का है सबसे कहना,
सतरंगी इस जहां में रहना।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।

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