शिक्षक का सम्मान
जीवन पथ पर सही गलत की राह दिखाते हैं शिक्षक----
जब पहली बार गया स्कूल, किसी ने मेरा थामा हाथ,
लगा कि जैसे माँ आ गई।।
क्या होता है गुरु?
यह उस दिन मैंने जाना था।
पूरे मन, वचन, कर्म से उसको भगवान माना था।।
जीवन पथ पर सही गलत की राह दिखाते हैं शिक्षक---
गुरु ही तो वह बाती है, जो खुद जलकर प्रकाश फैलाता है।।
अपनी मेधा के बल पर ही, छात्रों का भविष्य बनाता है।।
क्या रही हमारी कमियाँ हैं, उन से अवगत करवाता है।।
फिर सुधार करने का हम को सुअवसर भी देता है।
फिर स्वयं भी उसे बताता है, आत्मविश्वास का दीप जलाता है।।
मुश्किलों में साथ निभाता है, तुम भी सब कुछ कर सकते हो, हर बार यही बतलाता है।।
नमन करता हूँ मैं उनको, कुछ लायक मुझे बनाया है।
मैं कौन, कहाँ पर हूँ और क्या- मुझसे मेरा परिचय करवाता है।।
जीवन पथ पर सही गलत की राह दिखाते हैं शिक्षक---
रचयिता
प्रतिभा शर्मा,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रघुनाथपुर,
विकास क्षेत्र व जनपद हापुड़।
जब पहली बार गया स्कूल, किसी ने मेरा थामा हाथ,
लगा कि जैसे माँ आ गई।।
क्या होता है गुरु?
यह उस दिन मैंने जाना था।
पूरे मन, वचन, कर्म से उसको भगवान माना था।।
जीवन पथ पर सही गलत की राह दिखाते हैं शिक्षक---
गुरु ही तो वह बाती है, जो खुद जलकर प्रकाश फैलाता है।।
अपनी मेधा के बल पर ही, छात्रों का भविष्य बनाता है।।
क्या रही हमारी कमियाँ हैं, उन से अवगत करवाता है।।
फिर सुधार करने का हम को सुअवसर भी देता है।
फिर स्वयं भी उसे बताता है, आत्मविश्वास का दीप जलाता है।।
मुश्किलों में साथ निभाता है, तुम भी सब कुछ कर सकते हो, हर बार यही बतलाता है।।
नमन करता हूँ मैं उनको, कुछ लायक मुझे बनाया है।
मैं कौन, कहाँ पर हूँ और क्या- मुझसे मेरा परिचय करवाता है।।
जीवन पथ पर सही गलत की राह दिखाते हैं शिक्षक---
रचयिता
प्रतिभा शर्मा,
सहायक अध्यापिका,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रघुनाथपुर,
विकास क्षेत्र व जनपद हापुड़।

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