अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस
आओ बच्चों पढ़े-पढ़ाएँ,
पढ़-लिखकर हम नाम कमाएँ।
पढ़ लिखकर बनोगे अफसर,
नौकरी के मिलेंगे अवसर।
हाथों में तुम कलम उठाओ,
बस्ता कॉपी साथ में लाओ।
विद्यालय में रोज जाओ,
अध्यापकों से पढ़ो- पढ़ाओ।
पापा- मम्मी, भैया -भाभी,
पढ़ाई के लिए भर दो चाबी।
बुआ, चाची क्यों हो रोती,
उम्र सभी पढ़ने की होती।
अब न रहेगा कोई निरक्षर,
सब को तुम कर दो साक्षर।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।
पढ़-लिखकर हम नाम कमाएँ।
पढ़ लिखकर बनोगे अफसर,
नौकरी के मिलेंगे अवसर।
हाथों में तुम कलम उठाओ,
बस्ता कॉपी साथ में लाओ।
विद्यालय में रोज जाओ,
अध्यापकों से पढ़ो- पढ़ाओ।
पापा- मम्मी, भैया -भाभी,
पढ़ाई के लिए भर दो चाबी।
बुआ, चाची क्यों हो रोती,
उम्र सभी पढ़ने की होती।
अब न रहेगा कोई निरक्षर,
सब को तुम कर दो साक्षर।
रचयिता
नीलम सिंह,
सहायक अध्यापक,
उच्च प्राथमिक विद्यालय रतनगढ़ी,
विकास खण्ड व जनपद-हाथरस।

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