३८-शहनाज बानो, प्रा० वि० रायपुरा, चित्रकूट

मित्रों आज हम आपका परिचय प्रेम, दया, करुणा और वात्सल्य की मूर्ति बहन शहनाज बानो प्राथमिक विद्यालय रायपुर जनपद- चित्रकूट से करा रहे हैं। आपने अपने विद्यालयी दायित्वों के अतिरिक्त एक ऐसी मानवीय पहल कर एक बच्ची के जीवन में नयी रोशनी लाने का काम किया है। जो हम सब को सिखाता है कि शिक्षक को गुरू और भगवान के साथ समानता क्यों दी जाती है। क्योंकि शिक्षक यदि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों का सही से निर्वाहन करता है तो वह अपने छात्र के जीवन को आनन्दमय जीने योग्य बना सकता है।
तो आइये जानते हैं कि सम्मानित बहन जी ने एक बच्ची के जीवन के लिए क्या किया। उन्हीं के शब्दों में--'''
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हमारे विद्यालय की कक्षा- 3 में हेमा नाम की एक बच्ची है। उसकी माँ एक दिन स्कूल में आयी और हमें बताने लगी कि मेरी बच्ची को दिल की कोई बीमारी हो गयी है। वह उदास होकर बेबस और करुणामय शब्दों में कहने लगी- "मेरे पास बहन जी इतना पैसा नहीं है कि हम अपनी बेटी का इलाज करा सकें।"  हमने पूरी बात जान कर उनको आश्वासन और धैर्य दिया कि आप परेशान मत हो।
फिर हमारे दिमाग में बच्ची का इलाज गूंजने लगा। तो हमने यह बात अपने ब्लाॅक के शिक्षकों को बतायी और उनसे बच्ची की मदद करने के लिए सहयोग मांगा। इसके अतिरिक्त WhatsApp  को उस बालिका की मदद के लिए माध्यम बनाया। इसके बाद करीब सौ शिक्षक उस बेटी की मदद को आगे आये। हमारे अपील से दूसरे विभाग के लोग भी आगे आये। जिससे बेटी के इलाज के लिए लगभग 70000 रुपये एकत्रित हुए। बेटी के इलाज के लिए बी एस ए सर ने भी 5000₹ का सहयोग दिया।
फिर हम और एक टीचर विनय शुक्ला जी बेटी हेमा को लेकर इलाहाबाद के सरस्वती हार्ड केयर हॉस्पिटल गये। वहाँ उसका पूरा  चेकअप कराया। वहाँ की रिपोर्ट में आया कि बेटी के दिल में छेद है तथा वाल्व भी खराब है। जिसके इलाज में तीन- चार लाख का खर्च आयेगा।
बेटी की जांच रिपोर्ट और इलाज का खर्च जब चित्रकूट के टीचरों को लगा। तो चित्रकूट के टीचरों ने कहा कि अब यह बेटी टीचरों की बेटी है। हम सब मिलकर हेमा बेटी का इलाज करायेंगे। अब तक हेमा का इलाज सभी के सहयोग से इलाहाबाद में चल रहा था। लेकिन अब 15 जून से रायपुर हार्ट केयर हॉस्पिटल में हो रहा है। हेमा की माँ का कहना है कि हमें अब यह अफसोस नहीं रहेगा कि हमने अपनी बेटी का इलाज पैसों की कमी से नहीं करा पाया। आप सभी लोग भी बच्ची हेमा के लिए दुआ करें कि वह शीघ्र स्वस्थ होकर बाल जीवन की किलकारियों का आनन्दमय जीवन शुरू करे।
मैंने यह घटना सिर्फ इसलिए बतायी है। यदि हमारे आसपास ऐसा कुछ हो रहा है तो घबरायें नही। सिर्फ एक हाथ बढ़ाइये आपके पीछे हजार हाथ बढ़ जायेंगे। जरूरत है पहला हाथ बढ़ाने की।
बहन जी की सोच, पहल और प्रयासों के लिए और बेटी हेमा के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए मिशन संवाद की ओर से बहुत - बहुत शुभकामनाएँ!
☆मिशन संवाद☆
मित्रो यह एक शिक्षक से शिक्षक और शिक्षक से समाज के बीच अपने अच्छे कार्यों को पहुँचाने का माध्यम  मिशन संवाद है।
जिसका उद्देश्य एक दूसरे से संवाद के माध्यम से सीखना सिखाना तथा शिक्षा एवं शिक्षक के हित और सम्मान की रक्षा के लिए बेसिक शिक्षा से नकारात्मक माहौल को कम से कम करते हुए समाज के बीच बेसिक शिक्षा और शिक्षक के प्रति विश्वास पैदा करना है।
इसमें सहयोग के लिए आप स्वयं और अपने आसपास के गुमनाम शिक्षा के लिए काम करने वाले शिक्षकों और विद्यालयों की गतिविधियों और उपलब्धियों का फोटो सहित विवरण हमारे पास भेज कर शिक्षा एवं शिक्षक  सम्मान के भागीदार और रक्षक बनें। क्योंकि बुराई स्वप्रचारित होती है लेकिन अच्छाईयों को समाज के सामने लाने के लिए प्रयास करने पड़ते हैं। इसलिए आप भी अपना विवरण भेजने में संकोच न करें।
विवरण भेजने के लिए मिशन संवाद का WhatsApp No- 9458278429 है।
साभार : शिक्षण संवाद एवं गतिविधियाँ
आपका सहयोगी  शिक्षक
  विमल कुमार
  कानपुर देहात
  01/07/2016

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