दूरसंचार

देश विदेश तक बात हमारी,

जो संसाधन पहुँचाए।

वे सारे ही संसाधन,

संचार के साधन कहलाए।


जैसे मोबाइल पल भर में,

अपनों से बात कराए।

कम्प्यूटर जी जानकारियाँ,

दूर तलक पहुँचाएँ।


टी वी, रेडियो घर बैठे ही,

दुनिया की खबर बताए।

तरह-तरह के मनोरंजन,

हम सबको खूब कराए।


इंटरनेट का नया जमाना,

चमत्कार हमें दिखलाए।

मुश्किल काम भी चुटकी में,

बिल्कुल आसान बनाए।


काम बैंक के करने हों या,

करनी हो खरीददारी।

घर बैठे ही हो जाए सब,

मेहनत बचे हमारी।


देश की उन्नति में ये साधन,

महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

देश को सामाजिक आर्थिक,

राजनीतिक लाभ दिलाए।


हर सुख दुःख में ये साधन

साथ हमारा निभाएँ।

जन-जन के जीवन को ये,

सदा खुशहाल बनाएँ।


आओ हम सब मिलकर,

विज्ञान की जय जयकार करें।

संचार के संसाधनों की,

उन्नति और प्रसार करें


रचनाकार
सपना,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय उजीतीपुर,
विकास खण्ड-भाग्यनगर,
जनपद-औरैया।



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