समान्तर रेखा

कक्षा - 8
विषय- गणित
उपविषय - समान्तर रेखाएँ
प्रकरण - समान्तर रेखा व इसके प्रगुण

एक ही तल में हो जब स्थित,
ऐसी दो रेखाएँ,
एक दूसरे को न करें प्रतिच्छेदित,
तब समांतर रेखाएँ कहलाए।

एक ही तल में हों जब स्थित,
दो समांतर रेखाएँ,
इनके बीच की लंबवत दूरी,
सदैव समान कहलाए।

एक तल में हों जब स्थित,
दो समांतर रेखाएँ,
इनको काटे जो रेखा,
तिर्यक रेखा कहलाए।

एक ही रेखा के समांतर,
हों जब दो रेखाएँ,
वह रेखाएँ भी आपस में,
समांतर रेखाएँ कहलाए।

एक ही रेखा पर हो जब,
दो लंब रेखाएँ,
वह लंब रेखाएँ भी,
परस्पर समांतर हो जाएँ

समांतर रेखाओं को जब काटे,
कोई तिर्यक रेखा,
इससे बनते संगत कोण,
सदैव बराबर होते ये कोण।

समांतर रेखाओं को जब काटे,
एक तिर्यक रेखा,
इनसे बनते एकांतर कोण,
सदैव समान होते यह कोण

समांतर रेखाओं को जब काटे,
कोई तिर्यक रेखा।
इनसे बनते शीर्षाभिमुख कोण,
सदैव समान होते यह कोण।

यह थे कुछ प्रगुण बच्चों,
समांतर रेखाओं के।
याद कर लेंगे जब आप,
सदैव काम आएँगे आपके।

रचयिता
नौरीन सआदत,
सहायक अध्यापक,
पूर्व माध्यमिक विद्यालय रिसौरा,
विकास खण्ड-महुआ,
जनपद-बाँदा।

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