विश्व वायलिन दिवस

सुर-ताल की दुनिया में

वायलिन यंत्र है प्यारा।

बजाता इसको पूरा विश्व,

मस्ती में मन झूमता हमारा।।


सात सुर होते इसमें भी,

लेकिन पाँच तार ही होते।

एक लंबी डंडी 'वो' से,

इसको हम हैं बजाते।।


कहीं इसे कहते है फिडल,

पाश्चात्य संस्कृति की देन है।

उत्सव में बजाते इसे,

सबको इससे प्रेम है।।


दिसम्बर की 13 तारीख को,

वायलिन दिवस मनाते।

संगीत की दुनिया को,

यूँ ही आगे बढ़ाते।।


रचयिता
आकांक्षा मिश्रा,
सहायक अध्यापक,
प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर,
विकास खण्ड-सुरसा, 
जनपद-हरदोई।

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