शक्ति_दर्शन_13, मन की बात..........सर्वशक्तिमान हर तत्व में विद्यमान स्त्री
#शक्ति_दर्शन_13
मन की बात..........सर्वशक्तिमान हर तत्व में विद्यमान स्त्री
सृष्टि के केन्द्रीय संचालन कर्ता ईश्वर ने भी स्त्री की शक्ति को माना है; ऐसा इसलिए भी है कि स्त्री ही पृथ्वी पर जीवन ला सकती है। हर प्रकार की शक्ति से श्रेष्ठ भावना की शक्ति होती है और यह अटल सत्य है कि ईश्वर ने स्त्री को भावनाएँ ज्यादा दी हैं, पुरुष की अपेक्षा। शिवाजी, शिवाजी नहीं होते अगर उन्हें माता जीजाबाई का मातृत्व नहीं मिलता।स्त्री के बिना इस दुनिया और समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है।
कुछ कवियों और फिल्म के रचनाकारों ने स्त्री को देह और सुन्दरता तक सीमित रखा है जो कहीं से भी उचित नहीं है बल्कि यह समाज में एक स्टीरियो टाइप का विकास करता है । अधिकाशतः पुरुष वर्ग ज्यादातर स्त्री को देह और सुंदरता का विषय मानते हैं। इसके परे उसके आत्मसम्मान, बुद्धिमत्ता शारीरिक शक्ति गौड़ हो जाते हैं या यूँ कहिए पूरी तरह छुप जाते हैं।स्त्री ने हमेशा से ही समाज को सभ्यता का रास्ता दिखाया है।
वर्तमान काल थोड़ा संक्रमण का है। आज स्त्री पूरी तरह सक्षम, शक्तिशाली व ज्ञानवान है इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।
जिन्हें लगता है स्त्री शारीरिक तौर पर कमजोर है उन्हें याद दिलाना चाहूँगी कि दशरथ जी का जीवन कैकेई ने युद्ध में सारथी की भूमिका निभाते हुए बचाया था। रण क्षेत्र में वही जाता है जिसमें रण कौशल होता है।
भारत में महिलाएँ अब सभी तरह के कार्यों में हिस्सा ले रही हैं। इन्दिरा गाँधी जिन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में 15 वर्षों तक सेवा की। दुनिया की सबसे अधिक समय तक सेवारत महिला प्रधानमंत्री रहीं हैं।
भारतीय संविधान महिलाओं को बराबरी देता है चाहे वह अनुच्छेद 14 के द्वारा समान अधिकार देना हो, अनुच्छेद 15 द्वारा कोई भेदभाव लैंगिक आधार पर नहीं करना, अनुच्छेद 16 द्वारा अवसर की समानता,तथा समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार भी । भारत सरकार ने वर्ष 2001 को महिलाओं के सशक्तिकरण वर्ष के रूप में घोषित किया था।
1883 में चन्द्रमुखी बसु तथा कादम्बिनी गांगुली ब्रिटिश साम्राज्य और भारत में स्नातक डिग्री प्राप्त करने वाली प्रथम महिलाएं थीं।
फातिमा बीवी ने सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश होने का गौरव पाया।
नारी स्वयं में परिपूर्ण है सशक्त है। उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं है। सिर्फ पुरुषों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है।*
*महिलाएँ सर्वशक्तिमान हैं बिना महिलाओं के किसी भी कार्य या तत्व की पूर्णता सम्भव नही है।*
-कौसर जहाँ
स.अ.
प्र.वि.कंद्रियावां शि.क्षे.भीटी
जनपद अम्बेडकर नगर।
संकलन:-
टीम मिशन शिक्षण संवाद, शक्ति परिवार
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