७३१~ अनमोल रत्न जिज्ञासा ढींगरा, प्राथमिक विद्यालय धराऊं, ब्लॉक- खुर्जा, जनपद- बुलन्दशहर राज्य- उत्तर प्रदेश

 🏅#अनमोल_रत्न शिक्षक-2025🏅

मित्रो आज हम आपका परिचय मिशन शिक्षण संवाद के माध्यम से अनमोल_रत्न शिक्षिका बहन जिज्ञासा ढींगरा जी से करवा रहे हैं, जिन्होंने अपने सतत प्रेरक प्रयासों एवं विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यालय को सामाजिक विश्वास का केन्द्र बनाने में सफलता प्राप्त की है जो हम जैसे अनेकों शिक्षक भाई बहनों के लिए भी अनुकरणीय साबित हो सकता है।

       आइए देखतें के आपके कुछ प्रेरक प्रयासों को-
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👉1- शिक्षक का नाम व पद- जिज्ञासा ढींगरा (स०अ०)
👉2- विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय धराऊं, ब्लॉक- खुर्जा, जनपद- बुलन्दशहर
राज्य- उत्तर प्रदेश
👉3- शिक्षक के रूप में सेवा की शुरुआत का वर्ष  31/07/2013
👉4- शिक्षक के रूप में आप द्वारा विद्यालय, बच्चों और समाज के बीच किए गये स्वैच्छिक स्वयंसेवी के रूप में प्रेरक, अनुकरणीय एवं सकारात्मक कार्यों का संक्षिप्त विवरण।
शिक्षण मेरा जुनून है और मैं हमेशा चाहती थी कि मेरी शिक्षा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक पहुंचे। मैंने अपनी शिक्षण विधि को बहुत ही अनोखा और रचनात्मक बनाया ताकि समाज के हर वर्ग के बच्चे इसका लाभ उठा सकें।
मैंने जानबूझकर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने का निर्णय लिया ताकि मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुँच सकूँ। मैं स्वयं शिक्षण सामग्री (टी.एल.एम.) तैयार करती हूंँ और कई प्रकार के नवाचार करती हूँ ताकि विद्यार्थियों के लिए सीखना सरल और रोचक बन सके।
साल- 2020 के लॉकडाउन के दौरान जब विद्यालय बंद थे, तब सरकार ने विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ई-पाठशाला सामग्री उपलब्ध कराई थी। लेकिन अधिकतर अभिभावकों के पास न तो एंड्रॉयड फोन थे और न ही टीवी। जिनके पास टीवी था, वह भी अक्सर खराब स्थिति में था। तब मैंने अपना घर का टीवी विद्यालय के गाँव में लगवाया ताकि बच्चे शैक्षिक टीवी कार्यक्रमों से लाभान्वित हो सकें। मैं स्वयं प्रतिदिन वहाँ जाकर मोहल्ला कक्षाएँ भी लेती थी।



मेरे इस प्रयास की गाँव के प्रधान और अभिभावकों ने बहुत सराहना की। इससे अभिभावकों और मेरे बीच एक मजबूत और विश्वासपूर्ण संबंध बना।
मेरे इन छोटे-छोटे प्रयासों से अब अभिभावक शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं। वे स्वयं विद्यालय आकर अपने बच्चों की पढ़ाई की जानकारी लेते हैं। अभिभावकों का विश्वास जीतना किसी भी शिक्षक के लिए गर्व का क्षण होता है और यह किसी विद्यालय की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
👉5- वर्तमान विद्यालय में आपके द्वारा किए जा रहे प्रेरक प्रयास।
मेरा सपना है कि मेरे विद्यार्थी प्रशंसनीय ऊँचाइयों तक पहुँचें। इसलिए मैं बहुत मेहनत करती हूँ, अपने सोने के घंटे कम करती हूँ ताकि अपनी शिक्षण विधि को नयी, रोचक और नवाचारपूर्ण बना सकूँ। इसके लिए मैं हस्तनिर्मित टी०एल०एम० (शैक्षणिक सामग्री) का उपयोग करती हूँ और शिक्षण में अनेक प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित करती हूँ ताकि विद्यार्थियों में सीखने की रुचि पैदा हो और वे ज्ञान को लंबे समय तक याद रख सकें।









लगभग 5-6 वर्ष पहले मेरे सिर की हड्डी (skull) में फ्रैक्चर हुआ था और डॉक्टर ने मुझे पूर्ण विश्राम, न पढ़ाने और न पढ़ने की सलाह दी थी, साथ ही दिन में लगभग 20 घंटे नींद लेने के लिए कहा था। आज भी कभी-कभी मुझे उस कारण से परेशानी होती है। फिर भी मैं अपने विद्यार्थियों के लिए दर्द सहती हूँ, क्योंकि मैं उन्हें आगे बढ़ते हुए देखना चाहती हूँ।
मैं निपुण टास्क फोर्स टीम की सदस्य भी हूँ।
सभी विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता (IQ) समान नहीं होती। जो विद्यार्थी कक्षा की गति के साथ नहीं चल पाते, मैं उन्हें रिमेडियल टीचिंग (अतिरिक्त शिक्षण) देती हूँ। साथ ही, जिन विद्यार्थियों को गाँव में ट्यूशन की आवश्यकता होती है, उनके माता-पिता को इसके लिए राज़ी करती हूँ और उनकी ट्यूशन फीस भी स्वयं देती हूँ।








मैं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देती हूँ — योग, ध्यान, खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियों तक। मेरे विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक गतिविधियों में 25 से अधिक पदक जीते हैं और उन्हें विभिन्न मंचों पर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है। हमारे विद्यार्थी मंडल स्तरीय खेलों में भी भाग लेते हैं।
मेरे एक विद्यार्थी ने जिला स्तर पर चित्रकला प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे डी.एम. और सी.डी.ओ. द्वारा पुरस्कृत किया गया।
मेरे नवाचारों (innovations) के लिए मुझे विभिन्न स्तरों पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
मैं विद्यार्थियों को नवोदय और विद्या ज्ञान जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने का पूरा प्रयास कर रही हूँ।
कुछ विद्यार्थी जब कक्षा 4 में प्रवेश लेते हैं, तो उन्हें मूलभूत अक्षर ज्ञान भी नहीं होता। मैंने उनके साथ कड़ी मेहनत की और अब वे बच्चे शब्द पढ़ने में सक्षम हैं। मुझे लगता है कि यह भी मेरे लिए एक बड़ी सफलता है।
मैं इस कहावत में विश्वास रखती हूँ —
"प्रयत्नशील मनुष्य के लिए हमेशा आशा रहती है"
और मैं इसे अपने जीवन में अपनाती हूँ।
यदि इन विद्यार्थियों को पहले से कुछ ज्ञान होता, तो वे निश्चित रूप से इन परीक्षाओं में सफल हो सकते थे।
मैं मेहनत कर रही हूँ और अगली बार उन्हें इन परीक्षाओं में सम्मिलित कराऊँगी।
क्योंकि "सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि बच्चे ने परीक्षा पास की या नहीं, सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि जिस बच्चे को अक्षर ज्ञान तक नहीं था, वह कुछ ही महीनों में अब शब्दों को पढ़ने लगा है।"
"ये छोटी-छोटी सफलताएँ ही बड़ी सफलता की कुंजी होती हैं।"
👉A- विद्यालय में नामांकन-  2023-24....123
2024-25....108
2025-26....113
👉B- विद्यालय में उपस्थिति का प्रतिशत- 80-90%
👉C- विद्यालय में 100% उपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की औसत संख्या- 5-10
👉D- विद्यालय के बच्चों की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता।
वर्ष, परीक्षा का नाम, उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या
कला प्रतियोगिता (जनपद स्तर) 2018..1 छात्र
रंगोली इन दीपावली 2020... (राष्ट्रीय स्तर)..4 छात्र
हैण्ड राइटिंग प्रतियोगिता 2024 (राष्ट्रीय स्तर).. 3 छात्र
हैण्ड राइटिंग प्रतियोगिता 2025 (राष्ट्रीय स्तर)..7 छात्र
शिक्षक दिवस (राष्ट्रीय स्तर) 2022...1 छात्र
👉E- खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सफलता।
सांस्कृतिक कार्यक्रम 2017 (जनपद स्तर) 25 मेडल्स
सांस्कृतिक कार्यक्रम 2018 (मण्डल)...6 छात्र
खेल- 2017 (ब्लॉक स्तर) 2 छात्र.. रेस
खेल- 2020 (ब्लॉक स्तर) खो-खो टीम
खेल- 2022 (ब्लॉक स्तर) रेस ..2 छात्र
मण्डलीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी (प्रेरणा उत्सव) 2021.. 6 छात्र सांस्कृतिक कार्यक्रम
खादी उत्सव- 2021 सांस्कृतिक कार्यक्रम .. 6 छात्र
नारी शिक्षा चौपाल (ब्लॉक स्तर) सांस्कृतिक कार्यक्रम.. 1 छात्र
हमारा आंगन हमारे बच्चे 2021(ब्लॉक स्तर) सांस्कृतिक कार्यक्रम..7 छात्र
ब्लॉक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण 2024.. सांस्कृतिक कार्यक्रम ...9 छात्र
हमारा आंगन हमारे बच्चे 2025 (ब्लॉक स्तर) 2025 .. सांस्कृतिक कार्यक्रम..6 छात्र
ब्लॉक स्तरीय खेल 2025 रेस 2 छात्र व खो-खो टीम
👉6- शिक्षक के रूप में शोध, नवाचार आदि यदि कोई हो तो उसका संक्षिप्त विवरण।
#एक्शन रिसर्च 2025 'एकाग्रता' पर
#नवाचार (प्रज्ञान - बेसिक शिक्षा विभाग प्रथम मैगजीन)
#नवाचार(पथ- राष्ट्रीय स्तर)
👉7- संकलन- शिल्पी गोयल (संयोजक)
मिशन शिक्षण संवाद बुलन्दशहर

नोट- यदि आप भी एक सरकारी विद्यालय के शिक्षक हैं और आपने भी अपने विद्यालय में कुछ ऐसे प्रेरक और अनुकरणीय कार्य किए हैं जो हम जैसे अनेकों शिक्षकों के लिए भी प्रेरक एवं अनुकरणीय हो सकते हैं तो उसका विवरण और विवरण को प्रमाणित करती हुई कुछ महत्वपूर्ण फोटो मिशन शिक्षण संवाद के वाट्सअप नम्बर- 9458278429 पर जरूर भेजें। क्योंकि जिस तरह से सरकारी शिक्षा और शिक्षक के नाम पर अनेकों भ्रम और भ्रान्तियों के साथ उसके सामाजिक विश्वास को कमजोर करने के लिए, नकारात्मकता फैलाई जाती रहती है, उसके लिए हम सभी को अपनी सकारात्मकता की लाइन इतनी अधिक लम्बी करनी होगी। जिससे नकारात्मकता फैलाने वाले स्वयं एक दिन सकारात्मक होकर सरकारी शिक्षा और शिक्षक के प्रयासों को मानने एवं स्वीकारने को मजबूर हो जायें। क्योंकि-
"हमने ही बदला था। हम ही बदल रहे हैं। हम ही बदलकर रहेंगे"
धन्यवाद!🙏🙏🙏
विमल कुमार
टीम मिशन शिक्षण संवाद
19-11-2025

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